सरकार की मिली भगत से बिक रही ओवर रैट में शराब।

संवाददाता सुमेर सिंह कसाना

दौसा (राजस्थान )सिकंदरा में सरकारी शराब की दुकानों पर अवैध रूप से वसूली का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।

शराब की कीमत प्लेसमेंट कंपनी ने अपनी मर्जी से ही तय कर ली है। खरीदारों को रेट बढऩे की बात कह कर मनमानी वसूली की जा रही है। जबकि अभी प्रिंट रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आलम यह है कि दुकानों पर तो डेढ़ से दो गुना राशि तक ग्राहकों से वसूली की जा रही है।

आबकारी नीति के अनुसार हर दुकान पर शराब की कीमत को दर्शाने वाली सूची मोटे अक्षरों में लगाना जरूरी है। मगर एक भी दुकान पर यह सूची नहीं लगी हुई है। शराब दुकानों पर निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने के बारे में जानकारी आबकारी विभाग के अधिकारियों को होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मोटे अनुमान के अनुसार सिर्फ सिकंदरा में एक दिन में शराब की दुकानों पर होने वाली अवैध वसूली का आंकड़ा करीब ला को रुपए से अधिक रुपए से अधिक है।

यह है नियम

जानकारी के अनुसार सिकंदरा शराब की दुकान संचालित हो रही है। आबकारी अधिनियम और नियम के तहत प्रत्येक शराब की दुकान के बाहर उस दुकान में कौन सा ब्रांड है और उसकी कीमत क्या है उसकी जानकारी के लिए ठेके के बाहर की लिस्ट चस्पा करनी जरूरी होती है, लेकिन सिकंदरा में संचालित होने वाली शराब की दुकानों पर इस तरह के किसी भी नियम की पालना नहीं हो रही है।

विभाग को है पूरी जानकारी

स्थिति यह है कि शराब के दाम प्लेसमेंट कंपनी के द्वारा ही तय किए जा रहे हैं। वहीं इन दुकानों पर आने वाले ग्राहकों से भी मनमर्जी से दाम वसूल कर अवैध मुनाफा कमाया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों को इसकी भनक नहीं है, लेकिन इसके बाद भी अवैध और मनमर्जी की दाम की वसूली का काम खुलेआम और धड़ल्ले से चल रहा है।

अगर शराब की दुकानों पर अधिक दर वसूली जा रही है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जिला आबकारी अधिकारी

चौकाने वाला है इनके मुनाफे का आंकड़ा

यदि इनके मुनाफे पर भी नजर डाली जाए तो मनमर्जी से दाम वसूलने के चक्कर में इनके मुनाफे का आंकड़ा भी काफी बड़ा है। इन 65 अंग्रेजी देशी शराब की दुकानों से प्रतिदिन लाख रुपए से अधिक का अवैध मुनाफा होता है। जैसे किसी बीयर की कीमत 160 रुपए की है तो दुकानों पर इनकी कीमत 200 से 250 रुपए वसूली जाती है। यानि एक बीयर की बोतल पर 100 रुपए का मुनाफा। इसी तरह 160 रुपए तक के पव्वे पर 200 से 250 रुपए तक वसूलते हैं। पाव में 50 रुपए और फुल में 200 रुपए की वसूली

निर्धारित समय सीमा के अलावा दिन-रात शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है।
आबकारी व प्रशासनिक अधिकारियों कुंभकरण की नींदों में नींद ले रहे हैं लेकिन सिकंदरा शराब की दुकान पर 24 घंटे शराब बेची जाती है अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई कई बार आबकारी विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन पर तुरंत कार्रवाई करेंगे लेकिन कोरोना महामारी के चलते शराब सिकंदरा में 24 घंटा बेची जाती है अभी तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग के सीईओ कई बार आग और कराने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई आबकारी विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों की सांठगांठ चलते सिकंदरा में धड़ल्ले से ओवरेरेट शराब बिक्री रही है लेकिन प्रशासनिक अधिकारी भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि 10:00 बजे से 8:00 बजे तक समय लेकिन देर रात तक शराब की दुकानें खुली रहती हैं और शराब धड़ल्ले से बेची जाती है सिकंदरा में।

संपादक संतोष कुमार निरंजन।

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