श्रृद्धालुओं ने पचनद पर अमावस्या पर तर्पण कर दी पितरों को विदाई।

 

डा आर के मिश्रा बरिष्ठ पत्रकार दैनिक लोक भारती
के साथ  बीरेंद्र सिंह सेंगर की खास रिपोर्ट।

पंचनद धाम औरैया।
पितृ विसर्जनी अमावस्या के साथ ही पितृपक्ष यानि श्राद्ध पक्ष का समापन हो गया है। वृहस्पतिवार को अमावस्या पर हजारों लोगों ने कर्म कांड कर पितरों को तर्पण दिया। इस दिन ऐसे पितरों को तर्पण दिया जाता है जिनकी मृत्यु की तिथि पता नहीं होती।
जिन लोगों ने आश्विन पूर्णिमा पर श्राद्ध नहीं किया, उन्होंने भी सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों का श्राद्ध और तर्पण कर पितरों को मोक्ष दिलाया। वहीं, श्रद्धालुओं ने पचनद सहित अन्य यमुना के बिषरा॓त घाट पर स्नान कर पुण्य अर्जित किया।
लोगों ने पितरों के निमित्त वस्त्र, भोजन पिंडदान सहित अन्य वस्तुएं दान दी। यमुना के बिषरा॓त घाट पर सुबह पांच बजे से ही भगवान भोलेशंकर तथा बजर॓गवली के दर्शन करने वालों की लंबी कतार लगनी शुरू हो गयी थी। कालेश्वर मंदिर पर श्राद्ध करने वालों की भीड़ लगी हुई थी वहीं बाबा साहब म॓दिर पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही श्रद्धालुओं ने यमुना में स्नान कर पितरों को तर्पण किया तथा दान पुण्य किया।
पंचनद धाम पर यमुना में स्नान करने के बाद पितृदोष निवारण करते लोग।

 

संपादक     संतोष कुमार निरंजन।

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