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* रोडवेज परिवहन की निवासी अक्सर खड़ी हो जाती है जंगल और चौराहे पर *

* अधिकारी और कर्मचारी मिलकर कल पुर्जों के नाम पर लाखों रुपये का सरकार को हर महीने लगाते हैं।

* महोबा बस डिपो में सुविधाओं का बना रहता है टोटा *

* अक्सर रू पर बसों के खड़े हो जाने पर रोडवेज परिवहन निगम को हजारों रुपये का लगता है कि हर रोज घाटा होता है *

* रोडवेज परिवहन विभाग की बस एक-दो दिन या 10 दिन रूट पर खड़ी अधिकारियों की बला से *

* रोडवेज परिवहन विभाग महोबा डिपो की खटारा बसों में बैठकर यात्रियों को भारी परेशानियों का करना पड़ता है सामना हुआ दिन बीच रूट में यह बसें चलते चलते दे जाती है धोखा है और इस चिलचिलाती धूप में यात्रियों को खड़े होकर दूसरे वाहनों की करना पड़ता है इंतजार विभाग के पास कल पुर्जो की कमी होने के कारण मिस्त्री अक्सर बसों को ठीक नहीं कर पाते हैं और बस डिपो से निकलने के बाद कुछ दूरी की यात्रा करने के बाद। द यह बसें चौराहा या जंगल में अक्सर खड़ी हो जाती है देखना है तो यह तस्वीर बयां कर रही है रोडवेज परिवहन विभाग की कमजोरियां *

* महोबा परिवहन विभाग में एक सैकड़ा गाड़ियों के लगभग है! पर मध्य से ज्यादा बसें या फिर रूठ के बीच में ही पहुंच रहती है! या वह बसें बस डिपो के अंदर शोपीस के साथ खड़ी रहती है! क्योंकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महोबा रोडवेज डिपो के अंदर कल पुर्जो की अक्सर कमी का रोना रोया जाता है! ड्राइवर इन कल पुर्जों को बाहर से मनमाने दाम पर खरीद कर के बारे में अपनी बस पर लगाता है! और रोडवेज परिवहन अधिकारी उसी कल पुर्जों को कागज पर चढ़ा कर परिवहन विभाग की धन राशि वसूल कर विभाग को लाखों रुपए का चूना लगाने पर नहीं हिचक रहे हैं! ऐसा नहीं है कि रोडवेज डिपो के अंदर साजो सामान ना मौजूद हो पर अक्सर जिस बस का ड्राइवर होता है उस बस में अगर कोई भी कल पुर्जा चमक हो जाए तो उस कल पुर्जे को बाजार से लेने के लिए ड्राइवर और कंडक्टर को मजबूर होना पड़ता है। ! क्योंकि अगर वह कल पुर्जा बस में नहीं डालता है! तो दूसरे दिन उस बस का ड्राइवर चेंज हो जाता है! क्योंकि जो दक्षिणा देगा वहीं बस को सुचारू रूप से चला पाएगा! वहीं जानकारी के अनुसार दिल्ली रूट पर चलने वाली अक्सर गाड़ियों में अपने इच्छित कंडक्टर को टिकट मशीन देते हैं नहीं तो टिकट गट्टी थमा देते हैं देखने वाली बात यह होगी कि महोबा बस डिपो के अंदर कल पुर्जों के साथ साथ आए दिन खराब – खराब होने वाली बसों की हालत को महोबा रोडवेज परिवहन विभाग सही कर पाता है या नहीं *
* बायलॉन्डेग ब्यूरो शेफ आजतक मीडिया

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