Top News उत्तरप्रदेश झाँसी

एट दुर्धटना के म्रतक की लाश पोस्टमार्टम हाउस से गायब।

झाँसी पोस्टमार्टम हाउस से लापता शव का मामला और उलझा….
झांसी। बुन्देलखंड में झांसी जिले के नवाबाद थाना क्षेत्र में स्थित पोस्टमार्टम घर एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। जहां एक नाबालिग बच्चे का शव गायब हो गया। सूचना मिलते ही कई थानों का फोर्स और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने मामले की जानकारी ली और छानबीन शुरु कर दी। लगभग पूरे दिन हाईवोल्टेज ड्रामा चला। जब कहीं जाकर स्थिति काफी कुछ नजर आई। पुलिस की मानें तो उक्त शव बदल गया था। फिलहाल एक परिवार अभी भी अंतिम संस्कार के लिए अपने बेटे का शव तलाश रहे हैं|

हुआ यूंकि जनपद जालौन के एट थाना क्षेत्र में पावर हाउस के पास लगभग 14 वर्षीय राजकुमार पुत्र अरविन्द सड़क हादसे में गम्भीर रुप से घायल हो गया था। घायलावस्था में उसे झांसी मेडिकल कालेज लाया गया। जहां डॉक्टरों ने लगभग 8 बजे उसे मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद उसके शव को पोस्टमार्टम घर में भिजवा दिया था। सुबह राजकुमार के परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए शव विच्छेदन घर पहुंचे। जहां उन्हें शव नदारत मिला। यह देख वहां हड़कम्प मच गया। इसकी सूचना थाने की पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची, इससे पहले मामला बिगड़े उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। उच्चाधिकारी समेत भारी फोर्स पोस्टमार्टम घर पहुंच गया और छावनी में तब्दील कर दिया। थाने की पुलिस व अधिकारियों ने मामले की जानकारी करते हुए छानबीन शुरु की।
इसी दौरान पुलिस को पता चला कि रात्रि में झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में भी एक्सीटेंड में लगभग 15 वर्षीय उमेश पुत्र मुकंदी निवासी चुरारा मऊरानीपुर की मौत हुई थी। जिसका रात्रि लगभग ढाई बजे पोस्टमार्टम हुआ है। पुलिस को शक हुआ कि कहीं डॉक्टर ने गलती से राजकुमार का पोस्टमार्टम कर दिया और उसके शव को मुकंदी को दे दिया। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया |
जाँच के लिए पुलिस ने उमेश के पिता मुकंदी व उसकी पत्नी समेत परिवार को बुलाया पोस्टमार्टम घर बुलाया गया। मुकंदी पोस्टमार्टम घर पहुंचा, पुलिस ने पोस्टमार्टम घर में रखे 15 वर्षीच बच्चे के शव को दिखवाया। जिस पर मुकंदी ने उसे पहचाने से इंकार कर दिया। लगभग तीन घंटे यह हाईवोल्टेज ड्रामा चला। कई बार मुकुंदी और उसकी पत्नी को बच्चे को दिखाया गया। जब कहीं जाकर पोस्टमार्टम घर में रखे शव की उन्होंने उमेश के रुप में शिनाख्त की।
अब सवाल यह है कि मुकंदी को अपने बेटे का शव तो मिल गया। लेकिन अरविन्द को अपने बेटे राजकुमार का शव कैसे मिलेगा । वह अपने घर पर जाकर परिवार को क्या जबाब देगा । आखिर इस लापरवाही में किसकी चूक हुई और कौन दोषी है। यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • सन्तोष कुमार निरंजन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *