Top News जयपुर राजस्थान

थाने में रेप पीड़िता ने लगाई आग।मौत।

संवादाता संतोष सिंह आजतक मीडिया
जयपुर :- थाने में स्वयं को आग लगाने वाली रेप पीडि़ता की आखिर मौत हो गई।
मौत के बाद डीसीपी का अजीब बयान।
अब गांधीवादी सीएम अशोक गहलोत क्या कहेंगे,राजस्थान की ऐसी पुलिस के बारे में।

28 जुलाई की शाम को जिस रेप पीडि़ता ने राजस्थान के जयपुर के वैशाली नगर थाने में स्वयं को आग लगाई उस पीडि़ता की 29 जुलाई को तड़के एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई। मौत के बाद जब डीसीपी से बलात्कारी को गिरफ्तार नहीं किए जाने पर सवाल पूछा तो उनका कहना था कि जांच में कुछ निकलता तो गिरफ्तारी होती। यानि पीडि़ता के आरोप सही नहीं थे। मौत के बाद जब मरहम लगाने की जरूरत थी, तब डीसीपी स्तर का अधिकारी जख्मों पर नमक छिड़क रहा था। पुलिस के इसी रवैये से परेशान होकर 28 जुलाई को पीडि़ता ने थाने में ही आग लगा ली थी। पीडि़ता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष भी कहा है कि एक माह पहले फतेहपुर शेखावटी निवासी रविन्द्र सिंह के विरुद्ध रेप का मुकदमा दर्ज करवाया था। पुलिस को भी सबूत भी दिए, लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की, उल्टे उसी पर समझौते का दबाव बनाते रहे। पुलिस की इस कार्यशैली से पता चलता है कि रेप जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस कितनी बेरहम होती है। पीडि़ता की मौत के बाद डीसीपी ने जिस तरह बयान दिया है उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस ने कैसे जांच की होगी।
अब गांधीवादी सीएम क्या कहेंगे:
इस समय अशोक गहलोत राजस्थान के सीएम हैं। गहलोत की छवि गांधीवादी और बेहद संवेदनशील व्यक्ति की मानी जाती है। जयपुर प्रदेश की राजधानी है और राजधानी के वैशाली नगर थाने में यदि रेप पीडि़ता स्वयं को आग लगा कर मर जाए तो इससे ज्यादा संवेदनहीनता नहीं हो सकती। सवाल उठता है कि रेप जैसे मामलों में भी पुलिस का बेरहम चेहरा क्यों देखने को मिलता है? अब इस मामले में डीसीपी से लेकर वैशाली नगर का पूरा थाना कटघरे में खड़ा है। पीडि़ता की मौत सीएम गहलोत को दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। उस पीडि़ता की मानसिक स्थिति का अंदाजा लगाया जाए जिसने स्वयं मौत को गले लगा लिया। आमतौर पर यौन शोषण की शिकार महिलाएं इज्जत की वजह से चुप रहती है, लेकिन जब कभी कोई महिला शिकायत दर्ज करवाती है तो पुलिस पीडि़ता की हिम्मत को ही पस्त कर देती है।
क्या प्रियंका गांधी करेंगी टिप्पणी:
यूपी और अन्य किसी प्रदेश में आपराधिक घटना होने पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी तत्काल प्रभाव से टिप्पणी करती है। अब देखना है कि राजस्थान में थाने के अंदर रेप पीडि़ता द्वारा स्वयं को आग लगाने के गंभीर मामले में प्रियंका गांधी कब टिप्पणी करती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *