उत्तरप्रदेश कालपी जालौन

यमुना नदी में पुनः आयी बाढ़ से दर्जनों गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूटा।

कालपी (जालौन) यमुना नदी मे चम्बल नदी का पानी आने से शुक्रवार को सायम तक नदी का जल स्तर तेजी के साथ वढता हुआ 104 मी 33 से.मी पर पंहुच गया है ! जो खतरे के निशान 108 मी.से साढे तीन मीटर कम है ! वही यमुना का जल स्तर वढने के चलते क्षेत्र के अनेक गांवो कि सम्पर्क कालपी से टूट गया है*!
*तहसील कालपी के महेवा ब्लॉक क्षेत्र में एक बार फिर यमुना का जल स्तर बढ़ने के कारण नून नदी तथा जोधर नाले उफनाने से कालपी मुख्यालय का सम्पर्क टूटा वही पीटीएस मंगरौल में मुख्यमंत्री का 1 सितम्बर को कार्यक्रम के मद्देनजर अधिकारियों को भी निकलने में भारी परेशानी हो रही है यदि इसी तरह यमुना का जल स्तर बढ़ता रहा तो मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भारी परेशानी होने के आसार साफ दिखाई दे रहे हैं। अभी पिछले दिनों आई भीषण बाढ़ से क्षेत्र के दर्जनों गांव इसकी चपेट में आ गये जहाँ किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जल मग्न हो गई थी। जिससे किसानों को भारी क्षति हुई है क्योंकि इस वार अच्छी बारिश होने के कारण समय से बुबाई हो गई थी औऱ किसानों के खेतों में अच्छी फसल लहलहा रही थी जिससे किसान काफी खुश था लेकिन उनकी खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं रह सकी 16 अगस्त को रात में यमुना नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण नदी और नालो में बाढ़ आ गई थी जिससे किसानों की सारी फसल पानी मे डूब गई जिधर भी नजर डालो उधर पानी ही पानी नजर आ रहा था।इसके बाद पुनः जोधर नाले औऱ नून नदी में बाढ़ आने से दर्जनों गांवों का सम्पर्क टूट गया है जिससे निकलने के लिए लोग नाव के सहारे जान जोखिम में डालकर निकल रहे है और इस बाढ़ के कारण नाव चालक अपनी मनमर्जी से मनमाने रुपये लेकर अबश्यकता से अधिक सवारी बैठा कर पार करवा रहे है एक नाव में चार चार मोटरसाइकिले और दर्जनों सवारी बैठी देखी जा सकती है।पर क्षेत्रीय लोगों की समस्या से किसी अधिकारी तथा नेताओं को कुछ लेना देना नही है यदि यही हाल रहा तो कोई दिन बहुत बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है फिर इसका जिम्मेदार कौन होगा।वही क्षेत्रीय किसनो का कहना है कि हम लोगों की किस्मत ही खराब है कभी कम बर्षा होने से या अधिक बर्षा या फिर बाढ़ से किसानों की।फसल बराबर नष्ट हो जाती हैं जिससे किसान सर से लेकर पैर तक कर्ज से जकड़ा हुआ है।उनको सरकार से कोई सहायता भी नही मिलती है इस क्षेत्र में आई बाढ़ से किसानों के साथ शिक्षा व्यवस्था भी चरमरा जाती है क्योंकि बाढ़ की बजय से अध्यापक बिद्यालय नही पहुच रहे है । जोधर नाले के रपटे का निर्माण शुरू हो गया है जिसमें दो कोठियो में काम चल रहा है जो अगले बर्ष तक कम्प्लीट होने के आसार नजर आ रहे है। क्योंकि क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग हल्की बर्षा होने से ही रास्ता जाम हो जाता हैं जिससे दर्जनों गांवों का कालपी से सम्पर्क टूट जाता हैं।

सन्तोष कुमार निरंजन , लाल सिंह यादव आजतक मीडिया।

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