[t4b-ticker]
उत्तरप्रदेश कोंच जालौन

सदगुरु इं का.चांदनी में मनायी गयी बी आर अम्बेडकर की 130 वीं जयंती।

 

कोंच (जालौन)  भारत रत्न महामानव डॉ बाबा साहेब अंबेडकर की 130 वीं जयंती बड़े ही सादगी के साथ कोबिड 19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए दिन बुधवार को श्री सदगुरू धाम इंटर कालेज चांदनी के सभागार में बिद्यालय के उप प्रधानाचार्य सूर्य कुमार की अध्यक्षता में मनायी गयी कार्यक्रम में सर्व प्रथम डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया इस दौरान कार्यक्रम के अध्यक्ष सूर्य कुमार ने अपने संबोधन बोलते हुए कहा कि बाबा साहेब का जन्म 14 अप्रैल 1891ई. में इंदौर के महू के एक सभ्रांत परिवार में हुआ था इनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का नाम भीमा बाई था बाबा साहब अपने माता पिता की चौदहवीं संतान के रूप में जन्में थे इनके पिता सेना छावनी में सूबेदार के पद पर कार्यरत थे सन 1894 में बाबा साहेब के पिता सेवा नृवित हो गए और इसके 2 साल बाद बाबा साहेब की माँ की मृत्यु हो गयी इन कठिन परिस्थितियों में अपने भाई एवं बहनों में केवल अंबेडकर ही स्कूल की परीक्षा में सफल हुए एक व्राह्मण शिक्षक महादेव अंबेडकर जो बाबा साहब से विशेष स्नेह रखते थे उनके कहने पर अंबेडकर ने अपने नाम से सतपाल हटाकर अंबेडकर जोड़ दिया जो उनके गांव के नाम अम्बा बड़े पर आधारित था 8 अगस्त 1930 को एक सोशल वर्क सम्मेलन के दौरान अंबेडकर ने अपनी राजनीतिक दृष्टि को दुनिया के सामने रखा जिसके अनुसार शोषित बर्ग की सुरक्षा उसकी सरकार और कांग्रेस दोनों से स्वतंत्र होने में है बाबा साहब प्रारंभिक पढ़ाई के उपरांत उच्च शिक्षा अध्धयन के लिए कोलंबिया बिश्व बिद्यालय गए जहां से उन्होंने मास्टर डिग्री और पी एच डी की डिग्री हांसिल की इसके उपरांत लंदन यूनिबर्सिटी से डी एस सी और बैरिस्टर की डिग्री हांसिल की 15 अगस्त 1947 में भारत के आजाद होने पर बाबा साहब को देश का पहला कानून मंत्री बनने के लिए आमंत्रित किया गया जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए 29 अगस्त 1947 को नए संविधान की रचना के लिए अध्यक्ष पद का पदभार संभाला और 26 नम्बवर 1949 को संबिधान सभा ने संबिधान को अपना लिया और देशहित एवं समाज हित मे कार्य करते हुए बाबा साहब ने पढ़ाई और विशेष जोर दिया उन्होंने अपने जीवन काल के दौरान दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित करते हुए अछूतों से सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया वहीं श्रमकों किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किया इसअवसर पर श्रवण कुमार तिवारी सर्वेश कुमार भानु प्रताप राम कुमार आनंद परिहार पवन तिवारी बिनीता देवी और मोतीलाल सहित बिद्यालय परिवार मौजूद रहा।

Related posts

महोबा में उत्पीड़न से परेशान बकील की आत्महत्या को लेकर बकीलो ने उपजिलाधिकारी को दिया ज्ञापन।

aajtakmedia

इंसपायर अवार्ड योजना में जिला जालौन को मिला प्रदेश में प्रथम स्थान।

aajtakmedia

किसानों के ट्रैक्टर मार्च को मुद्देनजर रखते हुए जनपद में सीमाओं पर कड़ा पहरा

aajtakmedia

Leave a Comment