[t4b-ticker]
उत्तरप्रदेश कालपी जालौन

प्राचीन घाटों से यमुना का जल हुआ दूर, स्नान करना हुआ कठिन।अवैध खनन ने बिगाड़ा स्वरूप।

 

कालपी(जालौन) गैर जनपद के दो नदी से हो रही बालू खनन के कारण यमुना मैया की हालत बिगाड़ कर रख दी गई है। धर्म नगरी कालपी के प्राचीन घाटों में यमुना नदी की जलधारा दूर से जाने से स्नानार्थियों के सामने अब आस्था की डुबकी लगाना मुश्किल हो गया है।
उल्लेखनीय हो कि धार्मिक दृष्टिकोण से यमुना में आस्था की डुबकी लगाने के लिए कालपी में दूर-दूर से भक्त लोग आते हैं। लेकिन यमुना नदी का स्वरूप बिगड़ जाने से तमाम लोग दुखी हैं यमुना नदी कालपी के किनारे ऐतिहासिक राधा माधव घाट, किलाघाट ,बाई घाट ,पीला घाट,लुढ़केश्वर मंदिर घाट तरीबुलदा में बने हुए हैं लेकिन इन घाटों में यमुना नदी दूर चल रही है तथा घाटों में रेट तथा बालू के सिवा कुछ नहीं रह गया है। जानकार सूत्र बताते हैं कि जनपद बॉर्डर कानपुर देहात के ग्राम दौलतपुर में यमुना नदी में बालू खनन का धंधा जोरों पर चलता है। ठेकेदार कंपनी प्रतिदिन आधुनिक मशीनों से पाइपों के माध्यम से जलधारा के बीच से नजदीक से नाजायज ढंग से बालू का अवैध खनन कर रही है। फल स्वरुप जलधारा के बीचो बीच के स्थान में गहराई अधिक हो गई है एवं कालपी के घाटों से यमुना नदी का जल दूर होता चला गया है।

स्वयंसेवी करते रहे घाटों में श्रमदान

यमुना नदी के किनारे घाटों को संरक्षण एवं सुंदरीकरण करने के लिए स्वंयसेवी संस्थाएं घुमंतू हसंतू क्लब व रामो वामो क्लब के कार्यकर्ता जय खत्री, राजेश पुरवार, नरेंद्र तिवारी, नफीसउर रहमान समेंत आधा सैकड़ा लोग श्रमदान करते रहते थे। लेकिन घाटों से यमुना नदी का जल धारा दूर हो जाने से अब श्रमदान करने में भी कठिनाई हो गई।

सरकार नहीं ले रही सुध

यमुना नदी को सुंदर बनाने एवं घाटों तक पानी पहुंचाने के लिए सरकारी विभागों के द्वारा कोई सुध नहीं ली जा रही है। 20 जून को गया दशहरा में स्नान करने के लिए तमाम श्रद्धालु आते हैं। लेकिन उनके सामने भी स्नान का संकट पैदा हो गया है क्योकि बीते सप्ताह कालपी के दो युवक स्नान करते वक्त नदी में डूब गए थे।

 

Related posts

रंजसन पानी से भर दी किसान की खड़ी फसल।

aajtakmedia

वादी की तहरीर पर पुलिस ने एन सी आर में किया मुकदमा दर्ज।

aajtakmedia

जिलाधिकारी का आदेश अगर पशु छुट्टा पाये गए,तो मालिक पर लगेगा जुर्माना।

aajtakmedia

Leave a Comment