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उत्तरप्रदेश कालपी जालौन

यमुना तट पर स्थित कालपी के मुहल्ला उदनपुरा में लोग बूँद बूँद पानी को मोहताज।

 

कालपी (जालौन) जल ही जीवन है ये हम सब ने किताबों में पढ़ा है और जलकल विभाग के आला अधिकारियों को ट्रेनिंग के पहले सबसे पहले यही पाठ पढ़ाया गया।

जी हाँ आइये आपको जलकल विभाग के आला अधिकारियों की मक्कारी से अवगत कराते हैं जो सिर्फ अपनी कुर्सी पर बैठकर सरकार की जनहित योजनाओं पर खानापूर्ति की मुहर लगाकर पलीता लगाने का काम करते हैं।

मामला जनपद जालौन के नगर कालपी का है जहाँ मुहल्ला उदनपुरा बार्ड नम्बर 23 में मनोज निगम की फैक्ट्री के पास मुहल्लेवासी जलकल विभाग की उदासीनता के चलते बूँद बूँद पानी को मोहताज हैं। लगभग 20 साल से बार्डवासी इस समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन इनकी कोई सुनने वाला नहीं है। मुहल्लेवासियों ने कई बार इस समस्या से आला अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन पानी की सुविधा को लेकर जलकल विभाग द्वारा सिर्फ खानापूर्ति करते हुए एक साल पहले इस गली में 80 मीटर लम्बी व लगभग आधा मीटर गहरी 3 इंची पाइप लाइन डाल दी गयी जिससे पर्याप्त गहराई से पाइपलाइन ना बिछाने की बजह से मुहल्ले के लगभग 8-9 घरों में नहाना तो दूर पीने तक के लिये पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। इस समस्या को लेकर हाल ही में बार्डवासियों ने जलकल विभाग के जूनियर इंजीनयर को शिकायती पत्र लिखकर मामले को अवगत कराया लेकिन इंजिनियर साहब ने स्टीमेट ना होने का हवाला देते हुए अपनी जिम्मेदारी को नगर पालिका परिषद पर टाल दिया। इस गंभीर समस्या को पत्रकारों ने नगर पालिका कालपी चैयरमेँन प्रतिनिधि जगजीवन अहिरवार व पालिका इ ओ सुशील कुमार दोहरे को फोन द्वारा अवगत कराया तो ये जिम्मेदार अधिकारी भी जलकल विभाग की कमियाँ निकालते नजर आये। मुहल्लेवासियों की सामूहिक शिकायत के बाद चेयरमैन प्रतिनिधि जगजीवन अहिरवार ने स्वयं जाकर प्लम्बर प्रेम द्वारा लाइन चालू कराकर गड्ढे को आधा मीटर खोदकर देखा तो हकीकत में लाइन में पानी नहीं था इस बाबत चेयरमैन ने फोन द्वारा जल संस्थान जे ई को तुरन्त मामले से अवगत कराया लेकिन जे ई साहब के कान में जूं तक नहीं रेंगी और चार दिन बाद उस गड्ढे को बन्द कराकर बार्डवासियों को बूँद बूँद पानी के लिये तरसते हुए छोड़ दिया। अब देखना ये है कि अब प्रसाशन इन गैर जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्यवाही करता है और कब इन जरूरतमंदों को पानी मिल पाता है।

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