न्यूज़ रिपोर्ट (रीराइट किया गया प्रोफेशनल संस्करण):
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा अभियान तेज़ कर दिया है। महापौर सुषमा खर्कवाल ने सोमवार को मौके पर पहुँचकर बस्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
महापौर ने कहा कि शहर में बढ़ती अवैध बस्तियों पर लगाम लगाना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि इनके कारण सुरक्षा से लेकर स्थानीय व्यवस्था तक प्रभावित हो रही है। उन्होंने साफ कहा कि जो भी व्यक्ति बिना वैध दस्तावेज़ के मिला, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
50 अवैध आश्रय चिन्हित, नोटिस जारी
निरीक्षण के दौरान नगर निगम टीम ने जोनल स्टाफ के साथ मिलकर कई स्थानों का सर्वे किया। इस दौरान करीब 50 ऐसे आश्रय चिन्हित किए गए, जिनमें अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या परिवार रह रहे थे। सभी को नोटिस थमाते हुए 15 दिन के भीतर क्षेत्र खाली करने का आदेश दिया गया है।
महिलाओं ने बताई दिक्कतें, महापौर ने दिलाया भरोसा
निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद महिलाओं ने साफ-सफाई और पेयजल की समस्याएं भी बताईं, जिस पर महापौर ने तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या सुनी जाएगी, लेकिन अवैध रूप से बसे लोगों को किसी भी हालत में संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश
महापौर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद भी कोई बस्ती खाली न करे, तो उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का कहना है कि 15 दिनों के भीतर अवैध बस्तियों को हटाने की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी कर ली जाएगी।
