— 🇮🇳 प्रेस विज्ञप्ति 🇮🇳 —
जनपद – कानपुर देहात
दिनांक – 17 अक्टूबर 2025
आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री कपिल सिंह की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड, आईजीआरएस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार समीक्षा करते हुए पीएम सूर्य घर योजना, सड़क निर्माण, अनुरक्षण, सेतु निर्माण, फैमिली आईडी, एनआरएलएम, पंचायतीराज के राज्य वित्त आयोग व पंद्रहवें वित्त आयोग से संबंधित प्रगति की विस्तार से जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में लापरवाही किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं होगी।
नई सड़कों के निर्माण व अनुरक्षण कार्यों में प्रगति न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि जनपद की रैंक में गिरावट पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि वन विभाग एवं विद्युत विभाग से समन्वय स्थापित कर अवरोध दूर किए जाएं, ताकि निर्माण कार्य समय से पूर्ण हो सके।
पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अपेक्षित प्रगति न मिलने पर पीओ नेडा पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सभी विभाग समन्वय बनाकर जनपद की रैंक सुधारने हेतु लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करें।
गुणवत्ता युक्त कार्य करें — जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा में दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने जनपद की सभी एक करोड़ से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक कार्यदायी संस्था गुणवत्ता एवं मानक के अनुसार कार्य पूर्ण कर हैंडओवर रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
उन्होंने कहा कि अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर हैंडओवर किया जाए, अन्यथा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अकबरपुर में निर्माणाधीन रजिस्ट्रार भवन के निरीक्षण के दौरान विद्युत संयोजन कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित जेई से स्पष्टीकरण मांगा और शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
आईजीआरएस व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा — शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने आईजीआरएस एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित संदर्भों की समीक्षा करते हुए कहा कि अधिकारी डिफाल्टर सूची में आने से पूर्व शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
उन्होंने असंतोषजनक फीडबैक, अधूरी आख्या एवं मौके पर निरीक्षण न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि
“शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोपरि है — अधिकारी स्वयं फीडबैक लें और पोर्टल पर वास्तविक रिपोर्ट अपलोड करें।”
उन्होंने चेतावनी दी कि डिफाल्टर अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन०, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. सिंह, डीएफओ ए.के. पांडेय, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी, परियोजना अधिकारी वीरेंद्र सिंह, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी प्रतिभा सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
