नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में भारतीय हॉकी के 100 गौरवशाली वर्षों का भव्य समारोह आयोजित किया गया।
भारत ने 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक में अपना पहला हॉकी स्वर्ण पदक जीता था, जिससे 2028 में इस उपलब्धि के 100 वर्ष पूर्ण हो जाएंगे। इसी क्रम में यह आयोजन हॉकी इंडिया द्वारा किया गया, जिसमें पूर्व खिलाड़ी, कोच, अधिकारी और राष्ट्रीय टीमों के सदस्य शामिल हुए।
इस अवसर पर हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा —
“डॉ. ध्यानचंद और भारतीय हॉकी की विरासत ने देश को गर्व का एहसास कराया है। आने वाली पीढ़ियों को इस स्वर्णिम इतिहास से प्रेरणा लेनी चाहिए।”
कार्यक्रम में भारतीय हॉकी के स्वर्ण युग (1928–1980) की उपलब्धियों को याद किया गया।
महिला व पुरुष दोनों टीमों ने हिस्सा लिया और हॉकी इंडिया ने आने वाले वर्षों में देश में हॉकी को और अधिक लोकप्रिय बनाने की रणनीति प्रस्तुत की।
इस आयोजन में ओलंपिक पदक विजेताओं, दिग्गज खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। साथ ही हॉकी के विकास में योगदान देने वाले कोचों, प्रबंधकों और तकनीकी अधिकारियों को भी सम्मान प्रदान किया गया।
