कौशांबी, 20 नवंबर 2025। उत्तर प्रदेश के कौशांबी में मकान कब्ज़ाने के एक मामले में पुलिस ने भाजपा के पूर्व चल विधायक संजय गुप्ता और सपा के पूर्व चेयरमैन कैलाश चंद्र केसरवानी सहित उनकी पत्नी सुनीता केसरवानी समेत कुल सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
🏠 मकान कब्ज़ाने का क्या है मामला?
यह मामला राजदुलारी केसरवानी की शिकायत पर दर्ज किया गया है, जो हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जनता दरबार में भी मिली थीं।
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शिकायत: राजदुलारी केसरवानी का आरोप है कि साल 1970 में उनके पति उमाशंकर केसरवानी ने नगर पंचायत से जमीन का आवंटन कराकर मकान बनवाया था। पति की मौत के बाद 2005 में फर्जी तरीके से पूर्व चेयरमैन कैलाश चंद्र केसरवानी ने इसे गलत वरासत करवा लिया।
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दबाव: इसके बाद उनके मकान पर कब्ज़ा कर लिया गया। जब वह नगर पंचायत से आरटीआई (RTI) के माध्यम से संबंधित अभिलेख निकालने लगीं, तो पूर्व विधायक संजय गुप्ता और कैलाश चंद्र केसरवानी के दबाव और प्रभाव की वजह से उन्हें अभिलेख नहीं मिले।
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कार्रवाई: राजदुलारी की गुहार के बाद पुलिस ने मकान कब्ज़ाने के प्रकरण में कार्रवाई करते हुए मकान को कब्ज़ा दिलाया और सोमवार रात कोखराज थाना पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
🗣️ पूर्व विधायक का पक्ष
इस मामले में फंसे पूर्व विधायक संजय गुप्ता का कहना है कि यह प्रकरण उनके नगर पंचायत अध्यक्ष के कार्यकाल का नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले को एक साजिश के तहत उनकी छवि खराब करने के लिए घसीटा गया है।
संजय गुप्ता का यह भी आरोप है कि राजदुलारी केसरवानी पिछले 20 साल से उनके परिवार के साथ प्रयागराज के नैनी में रहती हैं और उनसे उनकी कोई मुलाकात नहीं हुई है।
इस मामले में चार अन्य आरोपियों – चाचा दिलीप, अजय, विजय, और संजय – पर भी कब्ज़े में सहयोग करने का आरोप है।
