समीक्षा का विवरण
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निर्देशन: पुलिस आयुक्त असुबीर लाल के निर्देश पर कमिश्नरेट के सभी 52 थानों और सर्किल अध्यक्शों के कार्यों की कंट्रोल रूम के माध्यम से व्यापक समीक्षा की गई।
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अवधि: आयुक्त के आदेशानुसार यह सर्वे 10 दिनों तक चला।
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आधार: यह सर्वे सात बिंदुओं पर आधारित था।
सर्वे के निष्कर्ष और परिणाम
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कामकाज का संतुलन: सर्वे में पाया गया कि अधिकांश थाना प्रभारी अधिकारियों के अनुसार पर्याप्त विश्राम नहीं कर रहे हैं।
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सकारात्मक पहलू: अधिकांश थाना प्रभारी सरकारी कार्य और अपने स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से समय प्रबंधन को संतुलित रख रहे हैं।
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उपलब्धियों का मूल्यांकन: यह पाया गया कि थाना प्रभारी अपनी कार्यशैली के अनुसार पर्याप्त विश्राम नहीं कर पा रहे हैं, जिसके आधार पर सभी अधिकारियों को समय प्रबंधन, कार्य विभाजन और अधीनस्थों के कार्य मूल्यांकन के लिए निर्देशित किया गया।
आयुक्त के कड़े निर्देश
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फाॅरेंसिक सहायता: पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि फोर्ड यूनिट और फाॅरेंसिक टीम की सहायता से घटनाओं का त्वरित अनावरण किया जाए।
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साइबर अपराध: साइबर अपराधों में विशेषज्ञों की त्वरित रिपोर्टिंग से शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
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विवेचना और निस्तारण:
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प्रत्येक विवेचना के लिए मापदंडों के अनुसार कार्ययोजना बनाकर महत्वपूर्ण साक्ष्यों का संकलन समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए।
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लंबित विवेचनाओं के निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए विशेष अभियान चलाया जाए।
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लंबित विवेचनाओं का टारगेट:
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साथी जोन में 92 विवेचनाओं के निस्तारण के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया गया।
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नीबूबुसा सर्किल द्वारा 47 विवेचनाओं के निस्तारण के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया गया।
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द्वितीय स्थान: स्वयंपाकपुर और ककड़ी क्षेत्रों में 27 विवेचनाओं का निस्तारण।
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तृतीय स्थान: क्षेत्रीय 23-23 विवेचनाओं का निस्तारण।
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मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग
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मॉनिटरिंग: पुलिस आयुक्त द्वारा ईवीएम रजिस्टर और मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया गया। इसके माध्यम से प्रत्येक दो घंटे में थानाध्यक्शों की आर/टी सेट के जरिए लोकेशन और गतिविधियों की समीक्षा की गई।
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अगला चरण: इस सर्वे का दूसरा चरण 11 नवंबर 2025 से 21 नवंबर तक निर्धारित है, ताकि कार्य-निष्पादन पर सटीक निगरानी सुनिश्चित हो सके।
