मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में तेजी: उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने दी विस्तृत जानकारी - Aaj Tak Media

मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में तेजी: उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने दी विस्तृत जानकारी

निर्वाचक की पात्रता, BLO की जिम्मेदारियां और मतदाता सूची के शुद्धिकरण पर जोर

जनपद जालौन, 03 दिसम्बर 2025 (सूचना विभाग प्रकाशनार्थ)

उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार ने मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) अभियान के संबंध में पात्रता, प्रक्रिया और जिम्मेदारियों पर विस्तृत जानकारी दी।


1. निर्वाचक की पात्रता और प्रक्रिया

बिंदु विवरण
पात्रता मानदंड भारत का नागरिक, न्यूनतम 18 वर्ष की आयु, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी हो, और किसी विधिक प्रावधान के अंतर्गत निरर्हित न हो (संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार)।
BLO की जिम्मेदारी बूथ लेवल अधिकारी (BLO) प्रत्येक मौजूदा निर्वाचक को गणना प्रपत्र उपलब्ध करा रहे हैं। वे निर्वाचकों के नाम को अंतिम SIR-2003 के अभिलेखों से मिलान/लिंक करने में सहायता कर रहे हैं।
भ्रमण का निर्देश प्रत्येक निर्वाचक के घर का कम से कम तीन बार भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑनलाइन सुविधा शहरी क्षेत्रों के अस्थायी प्रवासी एवं अन्य मतदाता गणना प्रपत्र ऑनलाइन भी भर सकते हैं।
आवश्यकता गणना अवधि में प्रपत्र के अतिरिक्त किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी।

2. शुद्धिकरण और निवारण

  • पहचान का लक्ष्य: मृत्यु, स्थायी रूप से अन्यत्र चले जाने अथवा एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने वाले निर्वाचकों की पहचान विशेष रूप से की जा रही है।

  • ड्राफ्ट रोल: निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा प्राप्त सभी गणना प्रपत्रों के आधार पर नामावली के आलेख्य (ड्राफ्ट रोल) में पात्र मतदाताओं के नाम सम्मिलित किए जाएंगे।

  • नोटिस और सुनवाई: जिन मतदाताओं का मिलान या लिंक नहीं हो पाएगा, उन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई की जाएगी। पात्रता स्थापित होने पर नाम शामिल किए जाएंगे और अपात्र पाए जाने पर रोके जाएंगे।

  • अपील: ERO के निर्णय के विरुद्ध प्रथम अपील जिला मजिस्ट्रेट तथा द्वितीय अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी स्तर पर सुनी जाएगी।

3. सुविधा और व्यवस्था

  • अशक्त समूहों को सुविधा: वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, निर्धन तथा अन्य अशक्त समूहों को सुविधा उपलब्ध कराने हेतु स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी।

  • मतदेय स्थल: किसी भी केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे।

  • पारिवारिक एकजुटता: एक ही परिवार के सभी सदस्यों को एक ही मतदान केंद्र पर रखने का विशेष ध्यान रखा जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी इन स्थलों के निर्धारण हेतु राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श करेंगे।

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