उरई (जालौन) शहर के रामनगर स्थित एक मंदिर में प्रसाद के रूप में बांटे गए पेड़े खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार पेड़े खाने के कुछ देर बाद बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। बुधवार तक कुछ बच्चे उपचाराधीन बताए गए।
सूचना मिलते ही सिटी सीओ राजीव कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। आरोप स्थानीय “टिक्कू पेड़ा” दुकान से मंगवाए गए पेड़ों पर लगे हैं।
खाद्य विभाग की टीम ने संबंधित दुकान पर पहुंचकर पेड़ों के नमूने लेकर उन्हें सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। मामले में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। मंदिर में प्रसाद मंगवाने वाले युवक ने पेड़े खराब होने का आरोप लगाया है। वहीं दुकान संचालक ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनके यहां गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाता है और वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। कुछ परिजनों ने वितरण के दौरान भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका जताई है। फिलहाल पुलिस व खाद्य विभाग की संयुक्त जांच जारी है। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है
