बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच में 2024 में हुए रामगोपाल हत्याकांड में आज जिला सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। मुख्य आरोपी सरपराज को फाँसी की सजा सुनाई गई है, जबकि 9 अन्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है।
फैसले की मुख्य बातें
- सरपराज को मृत्युदंड (फाँसी)
- 9 अन्य दोषियों को आजीवन कारावास
- सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया
- कुल 10 दोषियों में से एक दोषी को पहले ही बरी कर दिया गया था
क्या था मामला? 13 अक्टूबर 2024 को रामगोपाल नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को लेकर जुलूस निकाला गया था और हत्यारों ने इसे धार्मिक रंग देने की कोशिश की। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।
कोर्ट में क्या हुआ?
- सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने तर्क रखे
- कोर्ट ने सबूतों के आधार पर सरपराज को मुख्य दोषी मानते हुए फाँसी की सजा सुनाई
- बाकी 9 दोषियों को आजीवन कारावास
परिवार का प्रतिक्रिया रामगोपाल की माँ ने कहा, “मेरे बेटे को न्याय मिल गया। सरपराज को फाँसी की सजा सुनकर मन को सुकून मिला है।”
प्रशासन की तैयारी फैसला सुनाए जाने के बाद कोर्ट परिसर में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था। फैसला सुनने के बाद दोनों पक्षों के समर्थकों में हलचल रही, लेकिन पुलिस ने स्थिति को संभाला।
बहराइच के इस हत्याकांड में न्याय का अंतिम अध्याय लिखा गया। सरपराज को फाँसी और 9 दोषियों को आजीवन कारावास – कानून ने अपना काम किया।
