कानपुर देहात, 23 सितम्बर 2025 (सू०वि०)।
दशम् आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जनपद के अकबरपुर स्थित 50 शैय्या एकीकृत आयुष चिकित्सालय, बनार अलीपुर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम “आयुर्वेद जन-जन के लिए, पृथ्वी के कल्याण के लिए” रही, जिसका उद्देश्य न केवल मानव स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना है
बल्कि संपूर्ण पृथ्वी के संरक्षण एवं कल्याण के लिए आयुर्वेद के महत्व को रेखांकित करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी कपिल सिंह ने दीप प्रज्वलन एवं भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि –
“आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति ही नहीं, बल्कि यह जीवन जीने का विज्ञान है। यह हमें रोगमुक्त ही नहीं करता बल्कि स्वस्थ, संतुलित और प्रकृति के अनुकूल जीवन जीना भी सिखाता है।”
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक औषधियों का प्रयोग होता है, जो रसायन-मुक्त हैं और पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करते। इससे पृथ्वी की जैव विविधता भी सुरक्षित रहती है और आने वाली पीढ़ियाँ लाभान्वित होती हैं। जिलाधिकारी ने लोगों से आह्वान किया कि वे आयुर्वेदिक आहार, योग, प्राणायाम और प्राकृतिक जीवनशैली को अपनाकर अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा करें।
इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सालय का निरीक्षण किया तथा पंचकर्म यूनिट, औषधि वितरण कक्ष, रोगी वार्ड और परामर्श केंद्र का अवलोकन कर चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मरीजों एवं परिजनों से संवाद कर उनकी संतुष्टि भी जानी। मरीजों ने आयुर्वेदिक औषधियों और उपचार को लाभकारी बताया।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयुर्वेद प्रदर्शनी, रैली तथा जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
इस मौके पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा० कप्तान सिंह, नोडल अधिकारी डा० अमित सोनी, चिकित्साधीक्षक डा० ब्रजेश कुमार आर्य सहित चिकित्सकगण, योग प्रशिक्षक एवं पंचकर्मा टीम उपस्थित रही।
