ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं में हो सकती है पोषक तत्वों की कमी

क्या आपने सोचा है कि जिस तरह से महिलाएं अपने नवजात शिशु को दूध पिलाकर पोषण देती हैं, उसी तरह उनके शरीर से भी आवश्यक पोषक तत्व कम हो सकते हैं? हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान महिलाओं को अतिरिक्त पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है, ताकि मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य ठीक बना रहे।


🔸 पोषक तत्वों की कमी क्यों होती है?

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान महिला का शरीर शिशु के लिए दूध बनाता है, जिससे शरीर के कई विटामिन्स और मिनरल्स की मात्रा घट जाती है। यदि खानपान संतुलित न हो, तो मां में थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।


🔸 किन तत्वों की कमी ज़्यादा होती है?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, महिलाओं में इस समय प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी, विटामिन बी12, और आयरन की कमी सबसे ज़्यादा देखी जाती है।
खासतौर पर आयरन की कमी से रेड ब्लड सेल्स का निर्माण घट जाता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई कम होती है। इसका असर थकान, चक्कर या कमजोरी के रूप में महसूस किया जा सकता है।


🔸 क्यों ज़रूरी है संतुलित डाइट

गर्भावस्था और स्तनपान दोनों ही अवस्थाएं ऐसी होती हैं, जब महिला का शरीर लगातार पोषण की मांग करता है। इसलिए इस दौरान महिलाओं को हरी सब्ज़ियां, दालें, फल, दूध, दही और सूखे मेवे जैसे पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह डाइट न केवल बच्चे के लिए फायदेमंद है बल्कि मां की सेहत को भी लंबे समय तक मजबूत बनाए रखती है।


🔸 डॉक्टर की सलाह

डॉक्टरों के अनुसार, ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को अपने खानपान में आयरन सप्लीमेंट, विटामिन डी टैबलेट और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ शामिल करने चाहिए।
यदि लंबे समय तक कमजोरी, बाल झड़ना या थकान बनी रहे तो ब्लड टेस्ट करवाना चाहिए ताकि पोषक तत्वों की कमी का सही कारण पता चल सके।

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