भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा मॉडल जोनिंग रेगुलेशन्स 2025 पर उरई विकास प्राधिकरण में बैठक सम्पन्न - Aaj Tak Media

भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा मॉडल जोनिंग रेगुलेशन्स 2025 पर उरई विकास प्राधिकरण में बैठक सम्पन्न

उरई, दिनांक 11 नवम्बर 2025 (सू0वि0)।

जिलाधिकारी/उपाध्यक्ष राजेश कुमार पाण्डेय के निर्देश पर सचिव, उरई विकास प्राधिकरण ने रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट्स एवं इंजीनियर्स के साथ की विस्तृत चर्चा

उरई विकास प्राधिकरण में भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा मॉडल जोनिंग रेगुलेशन्स 2025 के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा के उद्देश्य से दिनांक 11 नवम्बर 2025 को पूर्वान्ह 11:00 बजे सचिव, उरई विकास प्राधिकरण की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में भवन निर्माण से संबंधित नवीन दिशा-निर्देशों, ऑनलाइन मानचित्र आवेदन प्रणाली (FASTPASS) तथा दाखिल मानचित्रों के निस्तारण की प्रक्रिया पर विस्तार से विमर्श किया गया।

बैठक में सचिव ने बताया कि शासन द्वारा लागू किए गए FASTPASS (Fast and Simplified Trust Based Plan Approval System) पोर्टल के अंतर्गत आर्किटेक्ट्स एवं इंजीनियर्स को LTP (Licensed Technical Person) रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि मानचित्र स्वीकृति उपरांत निर्माण कार्य स्थल पर स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही कार्य कराया जाए और निर्माण स्थल पर 4×3 वर्गफुट का डिस्प्ले बोर्ड लगाना सुनिश्चित किया जाए।

सचिव ने सभी संबंधितों को निर्देशित किया कि नए भवन उपविधि 2025 के अनुसार स्थलीय एवं अभिलेखीय जांच के बाद ही आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि दाखिल मानचित्रों का त्वरित निस्तारण किया जा सके। साथ ही शमन मानचित्रों को निर्धारित प्रारूप पर प्रस्तुत करने एवं लंबित शुल्क एक सप्ताह के भीतर जमा कराने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में बताया गया कि नवीन भवन उपविधियों के तहत कई जनहितकारी परिवर्तन किए गए हैं —

  • आवासीय भवनों के 25% फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) का उपयोग प्रोफेशनल कार्य जैसे डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट आदि के लिए किया जा सकेगा।

  • कठिनाई निवारण समिति का गठन शासन स्तर पर प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन की अध्यक्षता में किया गया है।

  • ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं हेतु भूखंड का न्यूनतम क्षेत्रफल अब निर्मित क्षेत्र में 1000 वर्गमीटर तथा अनिर्मित क्षेत्र में 1500 वर्गमीटर किया गया है।

  • सड़क की चौड़ाई के अनुसार भवन ऊँचाई में छूट दी गई है, जहाँ 45 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर ऊँचाई का बंधन समाप्त कर दिया गया है (एयरपोर्ट अथॉरिटी एवं ए.एस.आई. मानकों के अनुसार NOC आवश्यक)।

  • एकल आवासीय भवनों में तीन तलों पर पृथक-पृथक किचन स्वीकृत किए जा सकेंगे।

  • 300 वर्गमीटर से कम भूखंडों पर स्टिल्ट के साथ तीन मंजिल (15 मीटर ऊँचाई) एवं 300 वर्गमीटर से अधिक भूखंडों पर चार मंजिल (17.5 मीटर ऊँचाई) तक निर्माण की अनुमति होगी।

सचिव ने स्पष्ट किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति के कोई भी निर्माण या उपविभाजन कार्य किए जाने पर उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं के तहत सीलिंग, अभियोजन एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी निर्माणकर्ता की होगी।

जनहित में सूचित किया गया कि उरई विकास प्राधिकरण में प्रत्येक गुरुवार को कैम्प का आयोजन कर दाखिल मानचित्रों के निस्तारण एवं वाद सुनवाई की कार्यवाही की जाती है।

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