बे़रूत।
लेबनान ने लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के छोटे बेटे हनीबल गद्दाफी को लगभग 10 वर्षों की हिरासत के बाद सोमवार को रिहा कर दिया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हनीबल की रिहाई 9 लाख डॉलर (करीब 7.6 करोड़ रुपये) की जमानत राशि जमा कराने के बाद संभव हो पाई है।
2015 में हुई थी गिरफ्तारी
49 वर्षीय हनीबल गद्दाफी को दिसंबर 2015 में लेबनान से गिरफ्तार किया गया था। बताया जाता है कि उन्हें सीरिया में अपहरण के बाद लेबनान लाया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन पर 1978 में लापता हुए शिया धर्मगुरु इमाम मूसा अल-सद्र के अपहरण में भूमिका निभाने का आरोप लगा था। हालांकि, हनीबल ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है।
कानूनी टीम ने की अपील
हनीबल की कानूनी टीम ने पिछले महीने अदालत में अपील दायर की थी, जिसमें उनके मुवक्किल की लंबी हिरासत को चुनौती दी गई थी। अदालत ने यह अपील स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। कानूनी टीम के मुताबिक, जमानत की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सोमवार को उन्हें हिरासत से रिहा कर दिया गया।
वकील का बयान — अब हनीबल स्वतंत्र हैं
हनीबल के वकील इब्राहिम इलीहाम ने मीडिया से कहा, “यह एक बड़ा न्यायिक निर्णय है। मेरे मुवक्किल अब पूरी तरह स्वतंत्र हैं। न्यायिक प्रक्रिया का अंतिम चरण पूरा हो गया है।”
परिवार पर पहले से हैं कई आरोप
गद्दाफी परिवार लंबे समय से विवादों और मुकदमों में घिरा रहा है। 2011 में लीबिया में हुए गृहयुद्ध के दौरान मुअम्मर गद्दाफी की विद्रोहियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। इसके बाद परिवार के कई सदस्यों को गिरफ्तार या देश छोड़ना पड़ा।
गद्दाफी का 42 साल तक रहा शासन
मुअम्मर गद्दाफी ने 1969 से 2011 तक लीबिया पर शासन किया, जिसे अरब दुनिया के सबसे लंबे तानाशाही शासन में से एक माना जाता है। उनके शासन के दौरान देश में कई मानवाधिकार उल्लंघन के मामले सामने आए थे।
हनीबल गद्दाफी की रिहाई को लेकर लीबिया और लेबनान दोनों देशों में चर्चाओं का दौर जारी है। माना जा रहा है कि इस कदम से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में सुधार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
