नई दिल्ली।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आए एक प्रमुख सर्वे में सीमांचल क्षेत्र की राजनीति पर बड़ा अनुमान सामने आया है। इस सर्वे के अनुसार सीमांचल के चार जिलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सबसे अधिक 37 फ़ीसदी वोट मिलने की संभावना जताई गई है।
सर्वे के मुताबिक सीमांचल की 41 सीटों में भाजपा मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है, जबकि महागठबंधन इस क्षेत्र में पीछे होता दिख रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भाजपा को 37%, महागठबंधन को 24%, राजद को 17% और जदयू को 9% वोट मिलने का अनुमान है।
सीमांचल में किसे कितना समर्थन?
ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि भाजपा सीमांचल के मुस्लिम-बहुल इलाकों में भी कुछ हद तक पैठ बनाने में सफल हुई है। वहीं राजद और महागठबंधन अपने परंपरागत वोटरों को एकजुट रखने में संघर्ष करते दिख रहे हैं।
सर्वे के अनुसार भाजपा को 37% वोट, महागठबंधन को 24% वोट और तीसरे स्थान पर अन्य दलों को लगभग 11% वोट मिलने का अनुमान है।
राज्यव्यापी तस्वीर
राज्य स्तर पर सीटों के अनुमान में जेडीयू-भाजपा गठबंधन सरकार बनाने की दिशा में बढ़ता दिख रहा है।
सर्वे में संभावित सीटों का अनुमान इस प्रकार है—
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जदयू + भाजपा : 121–141 सीटें
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महागठबंधन : 98–118 सीटें
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अन्य दल : 2–7 सीटें
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AIMIM+ : 7–15 सीटें
इसके अलावा रिपोर्ट में बताया गया कि पटना, गया, भोजपुर और बक्सर जैसे जिलों में भी भाजपा और जदयू को बढ़त मिलने का अनुमान है, जबकि राजद को युवा वर्ग और ग्रामीण मतदाताओं का अधिक समर्थन मिल रहा है।
क्या बनेगी दोबारा एनडीए सरकार?
सर्वे अनुमान बताता है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए एक बार फिर बहुमत हासिल कर सकती है। हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया है कि अंतिम परिणाम सीमांचल क्षेत्र के वोटिंग पैटर्न पर काफी हद तक निर्भर करेंगे।
