धमाकों से गूंजा राजस्थान का आसमान, ‘मरु ज्वाला’ सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना ने दिखाया जबरदस्त युद्ध कौशल - Aaj Tak Media

धमाकों से गूंजा राजस्थान का आसमान, ‘मरु ज्वाला’ सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना ने दिखाया जबरदस्त युद्ध कौशल

बाड़मेर।
पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों में मंगलवार का दिन युद्ध जैसे माहौल से गूंज उठा। जैसलमेर, जालोर और बाड़मेर जिलों में थल सेना और वायुसेना के जवानों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास “मरु ज्वाला” के दौरान अपनी रणनीतिक क्षमता और युद्ध कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। आसमान में उठते धमाके और जमीन से उठती धूल के गुब्बारे युद्ध क्षेत्र का अहसास करा रहे थे।

टैंकों और तोपों से दुश्मन ठिकानों पर प्रहार

अभ्यास के दौरान सेना ने दिखाया कि रेगिस्तान क्षेत्र में किस तरह युद्ध स्थिति में दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाया जाता है। टैंकों से दागे गए गोले दुश्मन के ठिकानों पर सीधा प्रहार करते हुए उन्हें ध्वस्त करते नजर आए। मशीनगनों और मोर्टार की तेज आवाज ने पूरे क्षेत्र को रणभूमि जैसा बना दिया।

वायुसेना का दमदार सहयोग

वायुसेना के सी-295 परिवहन विमान ने पेपरकॉनड ऑपरेशन के तहत पैरा ट्रूपर्स को 12,500 फीट की ऊँचाई से उतारा। हेलीकॉप्टरों ने भी रणनीतिक सपोर्ट देते हुए दुश्मन पर हवाई हमले की परिस्थितियों का अभ्यास किया।

फाइटर जेट जगुआर और सुखोई-30 ने भारत-माला एक्सप्रेसवे के 3 किमी लंबे आपातकालीन एयर स्ट्रिप पर लैंडिंग व टेकऑफ कर अपनी सामरिक क्षमता का प्रदर्शन किया।

तीनों सेनाओं का संयुक्त अभ्यास

‘मरु ज्वाला’ के इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में थल सेना, वायुसेना और नौसेना के जवान शामिल रहे। तीनों सेनाओं ने दिखाया कि रेगिस्तान जैसे कठिन इलाके में भी भारत किसी भी चुनौती का प्रभावी तरीके से सामना कर सकता है।

इस ऑपरेशन का दूसरा चरण ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ के तहत जारी रहा, जिसमें दुश्मन की आक्रामक स्थिति को जवाब देने की रणनीति पर फोकस किया गया।

स्थानीय जिलों में बड़ी हलचल

जालोर, बाड़मेर और जैसलमेर के कई क्षेत्रों में अभ्यास के चलते बड़ी संख्या में सेना के वाहन, टैंक और हथियारों की तैनाती देखी गई। स्थानीय लोगों ने भी इस विशाल युद्धाभ्यास के कई दृश्य देखे, वहीं पुलिस और प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में विशेष सुरक्षा व्यवस्था बनाई रखी।

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