आवारा कुत्तों का आतंक: झींझक नगर में गोवंश की बछिया का फाड़ा पेट, गोशाला कर्मचारी और अधिकारी के खिलाफ जनता में भारी रोष - Aaj Tak Media

आवारा कुत्तों का आतंक: झींझक नगर में गोवंश की बछिया का फाड़ा पेट, गोशाला कर्मचारी और अधिकारी के खिलाफ जनता में भारी रोष

कानपुर देहात, 20 नवंबर 2025। कानपुर देहात के झींझक नगर में नगर पालिका परिषद की घोर लापरवाही और उदासीनता के कारण आवारा कुत्तों ने एक मासूम गोवंश की बछिया को बुरी तरह नोंच डाला। इस घटना के बाद स्थानीय जनता में नगर की सत्ता और अधिकारियों के खिलाफ व्यापक रोष व्याप्त है।

🚨 रात 10 बजे हुआ हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, झींझक नगर के वार्ड नंबर 19 में करीब 15 महीने की एक गोवंश बछिया बड़े नाले की पटिया में फंस गई थी। तभी रात्रि 10:00 बजे के आसपास कुत्तों के झुंड, जिनकी संख्या करीब आधा दर्जन थी, ने बछिया पर हमला कर दिया और उसका पेट फाड़ डाला, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।

📞 अधिकारियों ने नहीं उठाया फोन

स्थानीय नागरिकों, जिनमें श्याम शुक्ला, चंदन ओमर और सभासद रोहित गुप्ता शिव शर्मा शामिल थे, ने कुत्तों को भगाकर घायल बछिया को बचाने का प्रयास किया। जब उन्होंने इस घटना की सूचना नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी और अध्यक्ष को देने के लिए फोन किया, तो उनका फोन नहीं उठाया गया

अंततः नागरिकों ने घटना की जानकारी परगना अधिकारी डेरापुर को दी। एसडीएम डेरापुर को जब रात में इस बारे में बताया गया, तो उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि तत्काल गोवंश को गोशाला ले जाकर इलाज शुरू किया जाए।

🩺 गोशाला की लापरवाही

घायल बछिया को गोवंश गोशाला ले जाया गया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की टीम रात भर उसकी निगरानी कर रही है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि झींझक नगर में आवारा कुत्तों की संख्या 1000 से ऊपर है, जबकि खुले में घूमने वाले छोटे-बड़े गोवंश की संख्या भी 500 के करीब है। गोवंश के इन झुंडों को आवारा कुत्ते अपना भोजन बना लेते हैं।

जनता का आरोप है कि नगर के जिम्मेदार लोग इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे नगर की व्यवस्था और भी बिगड़ गई है।

Leave a Reply