अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने बताया है कि उन्होंने गुरुवार को पूर्वी प्रशांत महासागर में एक और नौका को निशाना बनाया है। अमेरिका ने आरोप लगाया है कि नौका के जरिए हूती तस्करी की जा रही थी। गुरुवार को किया गया हमला अमेरिकी सेना का कैरेबियाई सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में किया गया 22वां हमला है, जिसमें चार लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है।
सऊदी मीडिया पर साझा पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि हूतियों के हमले के बाद अमेरिका के इस तस्करी की संदिग्ध नौकाओं को निशाना बनाने में अब तक करीब 87 लोगों की मौत हो चुकी है।
संपूर्ण आंकड़े हमले का वीडियो एक वीडियो में दिख रहा है कि एक छोटी नौका समुद्र में तेजी से जा रही है और अचानक से उसमें विस्फोट होता है और नौका आग की लपटों में घिर जाती है। यह हमला उसी दिन किया गया है, जब अमेरिकी संसद अमेरिकी सेना द्वारा 2 सितंबर को पहली बार एक छोटी नौका को निशाना बनाए जाने की जांच कर रही है।
अमेरिकी सेना के एडमिरल ब्रैडली कूपर को ही अमेरिकी संसदों के सामने पेश हुई 2 सितंबर के हमले में एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें दावा किया गया कि एडमिरल ब्रैडली ने हमले में बच्चे हुए लोगों की मास्क के लिए फिर से हमले का आदेश दिया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि ब्रैडली ने डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेश्सेथ के आदेश के बाद दूसरा हमला किया था।
कांग्रेसी जांचकर्ताओं ने कहा है कि समुद्र में हमले में बच्चे लोगों को मारना युद्ध के कानूनों का उल्लंघन हो सकता है।
अमेरिका का सीधा आरोप है कि इन नौकाओं के जरिए वेनेजुएला से अमेरिका में ड्रग तस्करी की जा रही है। दूसरे पक्ष से लेकर बार-बार वेनेजुएला की सरकार पर हमला बोल रहे हैं। वहीं वेनेजुएला के राष्ट्रपति का आरोप है कि अमेरिका उनके खिलाफ सैन्य अभियान कर उनकी सरकार को गिराने की साजिश रच रहा है। वेनेजुएला ने भी संयुक्त राष्ट्र अभियान के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
