नई दिल्ली। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज देश के घुड़सवार (Equestrian) एथलीट्स के लिए ऐतिहासिक पल लिख दिया। एशियन ईक्वेस्ट्रियन चैंपियनशिप-2025 में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय घुड़सवारी टीम को पहली बार दिल्ली में भव्य समारोह में सम्मानित किया गया।
डॉ. मांडविया ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाते हुए कहा, “भारत अब उन खेलों में भी सफलता हासिल कर रहा है, जिनमें पहले वैश्विक स्तर पर हमारी उपस्थिति बहुत कम थी। आज ये घुड़सवार हमारे लिए गर्व का विषय हैं। सरकार अगले एक साल में देश में एक वर्ल्ड-क्लास कारंदेलान सेंटर स्थापित करेगी, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए घोड़ों की आवाजाही में बड़ी बाधा को खत्म करेगा।”
किन खिलाड़ियों को मिला सम्मान?
- तीन रजत पदक जीतने वाली पूरी भारतीय टीम
- विशेष रूप से ड्रेसाज, जंपिंग और इवेंटिंग कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन करने वाले एथलीट्स
मंत्री ने आगे कहा, “हम केवल क्रिकेट या कुछ चुनिंदा खेलों तक सीमित नहीं रहेंगे। घुड़सवारी जैसे महंगे और चुनौतीपूर्ण खेलों को भी ओलंपिक लेवल तक ले जाना है। इसके लिए घोड़ों के आयात-निर्यात में लगने वाली भारी कस्टम ड्यूटी को कम करने और वर्ल्ड-क्लास इक्वेस्ट्रियन इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।”
खिलाड़ियों ने मंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री ने घुड़सवारी को इतना बड़ा मंच और सम्मान दिया है। अब उनका सपना है कि 2032 या 2036 ओलंपिक में भारत घुड़सवारी में मेडल जीते।
डॉ. मांडविया ने मुस्कुराते हुए कहा, “आप सिर्फ़ मेडल लाइए, बाकी सारी व्यवस्था सरकार करेगी। घोड़ा हो या इंफ्रास्ट्रक्चर – सब तैयार होगा!”
घुड़सवारी के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। भारत अब सचमुच “सब खेलों का भारत” बनने की राह पर है। 🏇🇮🇳
