जयपुर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के निशानेबाज सरताज सिंह तिवाना ने दिल छू लेने वाली कहानी लिख दी। पिता की गंभीर बीमारी और मानसिक तनाव के बीच उन्होंने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में 50 मीटर राइफल थ्री-पोजीशन (3P) में गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
फाइनल में सरताज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महाराष्ट्र के ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर को पछाड़ दिया। कांस्य पदक गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के दिव्यांश सिंह पंघाल के खाते में गया।
पिता की हालत गंभीर, फिर भी नहीं डिगा हौसला सरताज के पिता पिछले काफी समय से लाइलाज बीमारी से जूझ रहे हैं। फाइनल से एक दिन पहले भी उनकी हालत बेहद नाजुक थी। सरताज ने बताया, “पापा की हालत देखकर मन बहुत भारी था। लेकिन मैंने सोचा कि अगर मैं हारा तो उनके लिए और दुख होगा। मैंने गोली हर शॉट उनके नाम की चलाई। यह गोल्ड उनके लिए है।”
सरताज ने पिछले साल नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में चौथा स्थान हासिल किया था। 2023 में इंटरनेशनल जूनियर वर्ल्ड कप में भी उन्होंने सिल्वर जीता था।
क्या बोले सरताज? “मैं पिछले 10 साल से निशानेबाजी कर रहा हूँ। पिता की बीमारी ने मुझे मानसिक रूप से बहुत मजबूत बनाया। आज जो गोल्ड जीता, वह मेरे लिए सिर्फ मेडल नहीं, पापा की मुस्कुराहट है।”
कोच और साथी खिलाड़ियों ने सरताज की हिम्मत को सलाम किया। खेलो इंडिया के मंच से निकला यह चैंपियन अब 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारियों में जुट गया है।
पिता के लिए चलाई हर गोली, और हर गोली लगी निशाने पर। सरताज सिंह तिवाना – सच्चा योद्धा! 🥇🇮🇳
