कोटोनोउ।
अफ्रीकी महाद्वीप एक बार फिर राजनीतिक उथल-पुथल से हिल गया है। पश्चिमी अफ्रीका के देश बेनिन में सेना के एक गुट ने राष्ट्रपति पैट्रिस टैलों को पद से हटाने और सत्ता पर नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया है। सैनिकों के इस समूह ने एक टीवी संदेश जारी कर कहा कि वर्तमान सरकार देश का संचालन करने में विफल रही है और सेना ने संविधान बचाने के लिए यह कदम उठाया है।
टीवी पर सैनिकों का संदेश—“सरकार चली गई, अब देश हम संभालेंगे”
टीवी पर प्रसारित संदेश में यूनिफॉर्मधारी सैनिकों ने कहा कि राष्ट्रपति टैलों की सरकार भ्रष्टाचार, आर्थिक कुप्रबंधन और जनता की उपेक्षा के कारण देश को संकट में धकेल रही थी।
सैनिक समूह ने यह भी कहा कि:
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सभी सरकारी संस्थान सेना की निगरानी में काम करेंगे
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अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है
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राजनीतिक नेताओं और प्रमुख अफसरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है
हालाँकि, यह घोषणा केवल टीवी प्रसारण तक सीमित रही और राजधानी में किसी बड़े सैन्य मूवमेंट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्रपति कार्यालय ने तख्तापलट के दावे को बताया झूठा
राष्ट्रपति टैलों के कार्यालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल सैनिकों के एक छोटे समूह की हरकत है, जो “भ्रम फैलाने और अफरा-तफरी पैदा करने” की कोशिश कर रहे हैं।
राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार:
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राष्ट्रपति सुरक्षित हैं
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सरकार पूरी तरह नियंत्रण में है
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सेना का अधिकांश हिस्सा राष्ट्रपति के प्रति वफादार है
सरकार ने जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
पड़ोसी देशों में भी हाल के दिनों में तख्तापलट
पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम अफ्रीका के कई देशों—माली, नाइजर, बुर्किना फासो और गिनी—में तख्तापलट हो चुके हैं। इससे पूरा क्षेत्र राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि—
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आर्थिक चुनौतियाँ
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बेरोजगारी
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आतंकवाद
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खराब शासन व्यवस्था
—इन सभी कारणों से क्षेत्र में सैन्य विद्रोहियों को ताकत मिलती जा रही है।
स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी तेज
अफ्रीकी संघ (AU), संयुक्त राष्ट्र (UN) और पश्चिम अफ्रीकी समूह ECOWAS ने बेनिन की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है।
