फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार, 62 जनपदों की 1019 एफआईआर बरामद - Aaj Tak Media

फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार, 62 जनपदों की 1019 एफआईआर बरामद

थाना मंगलपुर व एसओजी की संयुक्त कार्रवाई, नकदी व मोबाइल सहित मोटरसाइकिल जब्त

संवाददाता
कानपुर देहात

जनपद कानपुर देहात में अपराध नियंत्रण की दिशा में चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत थाना मंगलपुर व एसओजी पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त के कब्जे से ₹10,000 नकद, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन एवं एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। मोबाइल की जांच में 62 जनपदों से संबंधित 1019 एफआईआर तथा 44 क्यूआर कोड मिले हैं, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, दिनांक 10.12.2025 को वादी अजय कुमार पुत्र महेश कुमार निवासी फरीदापुर, थाना मंगलपुर द्वारा तहरीर दी गई थी कि एक व्यक्ति फर्जी अधिकारी बनकर बिजली का बिल कम कराने व मुकदमा खत्म कराने के नाम पर ठगी कर रहा है तथा जान से मारने की धमकी दे रहा है। तहरीर के आधार पर थाना मंगलपुर पर मु0अ0सं0 434/2025 धारा 308(5)/351(3) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त बिजलेंस टीम का फर्जी दरोगा बनकर बिजली विभाग का मुकदमा खत्म कराने के नाम पर ₹25,000 की मांग कर रहा था, जिसका ऑडियो भी वायरल हुआ था। लगातार दबिश के बाद दिनांक 11.12.2025 को मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त निगम यादव पुत्र अखिलेश यादव, निवासी ग्राम गोबा, थाना पृथ्वीपुर, जनपद निवाड़ी (टीकमगढ़), मध्य प्रदेश, उम्र लगभग 19 वर्ष को हवासपुर चौराहे से पहले सीएचसी संदलपुर रोड से गिरफ्तार किया गया।

अभियुक्त के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन में यूपी कॉप ऐप के माध्यम से डाउनलोड की गई एफआईआर, उनके स्क्रीनशॉट तथा क्यूआर कोड पाए गए। पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह एफआईआर में दर्ज आरोपियों के नंबर निकालकर खुद को अधिकारी/दरोगा बताकर कॉल करता था और मुकदमा खत्म कराने या डराने-धमकाने के जरिए क्यूआर कोड से पैसे मंगवाता था। अभियुक्त से बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है।

गिरफ्तार अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इस कार्रवाई को जनपद में साइबर एवं ठगी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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