उरई, जनपद जालौन
दिनांक – 04 नवम्बर 2025 (सू०वि०)
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारुल पँवार द्वारा दिनांक 04 नवम्बर 2025 को जिला कारागार उरई का साप्ताहिक भ्रमण कर विधिक शिविर का शुभारम्भ किया गया।
उन्होंने विभिन्न बैरकों का निरीक्षण करते हुए निरूद्ध बंदियों से संवाद स्थापित किया तथा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
श्रीमती पारुल पँवार ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि जिन बंदियों की जमानत सक्षम न्यायालय से हो चुकी है, किन्तु जमानतदार न होने के कारण वे रिहा नहीं हो पा रहे हैं, उनकी सूची तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन कार्यालय को प्रेषित की जाए, ताकि ऐसे बंदियों की प्रभावी पैरवी कर शीघ्र रिहाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों की जमानत राज्य की ओर से जिला अधिकार प्राप्त समिति के माध्यम से कराई जाए।
अपर जिला जज/सचिव ने बंदियों के मुकदमों की पैरवी, विधिक सहायता, महिला बंदियों की स्थिति, बच्चों की चिकित्सा एवं खान-पान आदि का भी अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इसके उपरांत, उन्होंने “प्ली बार्गेनिंग” (दलील सौदेबाजी) विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का शुभारंभ किया। शिविर की अध्यक्षता करते हुए श्रीमती पारुल पँवार ने संविधान के अनुच्छेद 39A, 14 और 22(1) के महत्व पर प्रकाश डाला, जो समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त विधिक सहायता और न्याय तक समान पहुंच प्रदान करते हैं।
शिविर में असिस्टेंट-प्रथम एलएडीसी श्री अभिषेक पाठक ने बताया कि प्ली बार्गेनिंग की अवधारणा आपराधिक न्याय प्रणाली में समय व संसाधनों की बचत करते हुए अभियोजन और आरोपी दोनों के हितों की रक्षा करती है। भारत में यह व्यवस्था आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2005 से लागू की गई थी।
इस अवसर पर डिप्टी चीफ, लीगल एड डिफेन्स काउंसिल सिस्टम श्री उमेश कुमार मिश्रा, कारापाल श्री प्रदीप कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल बर्मन, उपकारापाल श्री अमर सिंह व श्री रामलखन, तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक श्री शुभम् शुक्ला सहित दर्जनों बंदीगण उपस्थित रहे।
