उरई (जालौन), 18 नवंबर। प्रदेश सरकार किसानों को दैवीय आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने और उनकी आय को स्थिर करने के लिए संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में किसानों को बड़ा आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। कल (17 नवंबर) को जारी सूचना के अनुसार, वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक प्रदेश के 60.63 लाख कृषकों को उनकी नष्ट हुई फसलों के लिए कुल ₹4961.06 करोड़ की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया है।
🛡️ फसल बीमा: किसानों के लिए सुरक्षा कवच
जिला सूचना कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ की लगभग 65% जनसंख्या कृषि कार्यों में संलग्न है। किसानों की वर्ष भर की मेहनत यदि अधिक वर्षा, आँधी, पाला, ओले या कीट रोगों जैसी दैवीय आपदाओं से नष्ट हो जाती है, तो उनकी पूरी लागत और मेहनत बर्बाद हो जाती है।
किसानों की इन्हीं समस्याओं को देखते हुए, वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को पूरे देश में लागू किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य फसल की विफलता पर एक व्यापक बीमा कवर प्रदान कर किसानों की आय को स्थिर करना है।
📈 प्रीमियम और बीमित राशि का विवरण
इस योजना के तहत, ऋणी कृषक अनिवार्य रूप से तथा अन्य कृषक स्वैच्छिक आधार पर शामिल किए गए हैं।
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खरीफ फसल: कृषक को अधिकतम 2 प्रतिशत प्रीमियम देय होता है।
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रबी फसल: कृषक को अधिकतम 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देय होता है।
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नकदी व औद्यानिकी फसलें: कृषक को अधिकतम 5 प्रतिशत प्रीमियम देय होता है।
कृषक द्वारा वहन किए जाने वाले प्रीमियम अंश से अधिक और वास्तविक प्रीमियम दर के अंतर की समस्त धनराशि को अनुदान के रूप में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बराबर वहन किया जाता है।
🗓️ अब तक का प्रदर्शन और भविष्य की योजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में यह योजना सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।
| समयावधि | बीमित कृषक संख्या (कुल) | बीमित क्षेत्र (हेक्टेयर) | क्षतिपूर्ति भुगतान (कृषक) | भुगतान राशि |
| 2017-18 से 2024-25 | 313.76 लाख | 274.13 लाख | 60.63 लाख | ₹4961.06 करोड़ |
इसके अलावा, वर्ष 2025-26 में खरीफ सीजन के अंतर्गत माह अगस्त 2025 तक कुल 19.48 लाख बीमित कृषकों द्वारा 13.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की फसलों का बीमा कराया जा चुका है।
प्रदेश सरकार का यह प्रयास किसानों को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें कृषि कार्यों के लिए प्रेरित करने तथा उनकी आय दोगुनी करने में महत्वपूर्ण सहयोग दे रहा है।
