उरई, 20 नवंबर 2025। आगामी 13 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के लिए आज जिला दीवानी न्यायालय में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक संपन्न हुई।
माननीय जनपद न्यायाधीश श्री विरजेन्द्र कुमार सिंह के निर्देशन एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/अपर जिला जज श्रीमती पारुल पँवार की अध्यक्षता में जिले के समस्त तहसीलदारों के साथ यह बैठक आयोजित की गई।
📜 राजस्व वादों के अधिकतम निस्तारण का लक्ष्य
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीमती पारुल पँवार ने लोक अदालत की सफलता के लिए तहसीलदारों को कई प्रमुख निर्देश दिए:
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अधिकतम निस्तारण: उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, राष्ट्रीय लोक अदालत में चिन्हित राजस्व वादों का अधिकतम निस्तारण सुनिश्चित किया जाना है।
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सामंजस्य: लोक अदालत को सफल बनाने हेतु तहसील बार अध्यक्ष/सचिव और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ समन्वय स्थापित किया जाए ताकि वे वादकारियों को सुलह के लिए प्रेरित करें।
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प्रचार-प्रसार: स्थानीय मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया।
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लेखपालों का सहयोग: ग्राम स्तर पर लेखपालों का सहयोग लेने के लिए तहसीलदारों को निर्देशित किया गया।
👥 पीएलवी और लीगल एड क्लीनिक पर फोकस
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पीएलवी (पैरालीगल वालंटियर्स): पीएलवी के कार्यों में गति लाने हेतु तहसील स्तर पर उनकी पाक्षिक बैठकें आयोजित करने तथा उनकी मासिक कार्य आख्या को सत्यापित कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) को अग्रसारित करने पर चर्चा हुई।
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निरीक्षण: सभी तहसीलदारों को लीगल एड क्लीनिक और सीएससी सेंटर्स (जहां टेली-लॉ पीएलवी कार्यरत हैं) का प्रत्येक 15 दिवस पर निरीक्षण करके आख्या DLSA को प्रेषित करने का निर्देश दिया गया।
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सक्रियता: तहसील परिसर में लीगल एड क्लीनिक को सक्रिय करने, उसका नियमित पर्यवेक्षण करने और उसके लिए उपयुक्त कक्ष की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में तहसील विधिक सेवा समिति के सचिव/तहसीलदार कालपी श्री अभिनव तिवारी, नायब तहसीलदार कोंच श्री रोहन प्रंथ, और नायब तहसीलदार उरई श्री राहुल यादव उपस्थित रहे।
