लखनऊ, 22 नवंबर 2025। लखनऊ में आज केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में केंद्रीय मंत्री राकेश मोहन ने 10 दिवसीय खादी महोत्सव-2025 का भव्य उद्घाटन किया। यह महोत्सव प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए 160 से अधिक उद्यमियों और कारीगरों द्वारा उत्पादित हथकरघा, हस्तशिल्प और खादी उत्पादों के प्रदर्शन के लिए एक बड़ा मंच प्रदान कर रहा है।
🇮🇳 खादी अब केवल वस्त्र नहीं, आत्मनिर्भरता का प्रतीक
केंद्रीय मंत्री राकेश मोहन ने इस अवसर पर कहा कि खादी महात्मा गांधी के स्वावलंबन के विचार से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वच्छता, स्वदेशी, स्वरोजगार तथा आत्मनिर्भर भारत के अभियान के अंतर्गत खादी, पुन: पहचान की ज्ञान बन रही है।
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खादी का अर्थ: उन्होंने कहा कि खादी अब केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक बड़ा माध्यम बन चुकी है।
💰 लाखों युवाओं को रोजगार
खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी बोर्ड के सचिव ने बताया कि:
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रोजगार सृजन: खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वर्तमान में 3,90,000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 66,640 युवाओं को ट्रेनिंग देकर स्वरोजगार से जोड़ा गया है।
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वित्तीय स्थिरता: पिछले वर्ष आयोजित कुल 20 प्रदर्शनियों में 2000 से अधिक इकाइयों की भागीदारी रही और ₹44.38 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है।
✨ आधुनिक खादी को मिली नई पहचान
प्रधान सचिव अनिल कुमार ने कहा कि खादी अब आधुनिक डिजाइनों और तकनीकों के माध्यम से युवाओं को बेहद पसंद आ रही है। फैशन शो और निफ्ट जैसी संस्थाओं की सहभागिता से खादी को नया स्वरूप मिला है।
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प्रशिक्षण: युवा कारीगरों को दोना मेकिंग मशीन, पॉपकॉर्न मशीन, हनी बॉक्स और विद्युत चालित चाक जैसे उपकरणों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार और चयनित लाभार्थियों को टूलकिट वितरित कर सम्मानित किया गया।
