वॉशिंगटन/लागोस, 22 नवंबर 2025। अमेरिका, नाइजीरियाई सरकार पर ईसाई समुदायों और धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाने हेतु प्रतिबंधों के साथ-साथ युद्ध विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ वॉर) के आतंकवाद निरोधी कार्यक्रमों की मदद लेने की योजना बना रहा है।
📜 ट्रंप प्रशासन ने तैयार की व्यापक योजना
अमेरिकी विदेश विभाग के अफ्रीकी मामलों के ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारी जोनाथन ग्रैट ने कल (गुरुवार) को सिनेट विदेश मामलों की समिति के समक्ष यह खुलासा किया।
-
योजना का उद्देश्य: ट्रंप प्रशासन ने नाइजीरिया में ईसाइयों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए एक व्यापक योजना तैयार कर ली है।
-
रणनीति: इस योजना में वीजा और वित्त पर प्रतिबंध, पेंटागन और अन्य आतंकवाद निरोधी कार्यक्रमों की मदद शामिल है।
-
दबाव बनाने का कारण: नाइजीरिया में फुलानी चरवाहों के हमलों के कारण सैकड़ों ईसाई किसानों की हत्या हुई है। साथ ही, चरमपंथी इस्लामी समूह बोको हराम ने भी उत्तरी नाइजीरिया में 15 वर्षों में हजारों लोगों को मौत के घाट उतारा है।
⚠️ ‘करवाई न हुई तो सैन्य सहायता रुकेगी’
राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अगर नाइजीरियाई ईसाईयों के खिलाफ हो रहे हमलों पर कार्रवाई नहीं करता है, तो वह ‘चरित’ सैन्य कार्रवाई की तैयारी करेंगे और सभी सहायता तुरंत रोक देंगे।
ग्रैट ने कहा कि यह योजना नाइजीरियाई सरकार को प्रोत्साहित और मजबूर करने के लिए है, ताकि ईसाई समुदायों की बेहतर सुरक्षा हो और धार्मिक स्वतंत्रता में सुधार आए।
🗣️ नाइजीरिया का पक्ष
नाइजीरिया, जो अफ्रीका का सबसे अधिक आबादी वाला देश है, में ईसाई और मुस्लिम समुदायों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा है।
हालांकि, नाइजीरियाई सरकार का दावा है कि वह ईसाइयों पर उत्पीड़न के जटिल सुरक्षा मुद्दों को गलत तरीके से पेश कर रही है और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा को नजरअंदाज करने के आरोपों को खारिज करती है।
