जालौन, 22 नवंबर 2025। जिला प्रशासन ने जनपद में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए आज तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर तीन किसानों को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। वहीं, रोकथाम में लापरवाही बरतने पर संबंधित सरकारी कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
🚨 किसान और लापरवाह कर्मचारी दोनों पर कार्रवाई
प्रवर्तन टीम द्वारा लगातार निगरानी के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वाले तीन किसानों को पराली जलाते हुए पाया गया:
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विनोद सिंह पुत्र शत्रुघ्न सिंह, निवासी सिरसा कलार
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सूबेदार पुत्र भुलई, निवासी ग्राम खोडन
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आशु पुत्र राजेश, निवासी ग्राम छानी अहीर
प्रवर्तन टीम द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद जब किसान नहीं माने, तो उन्हें मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
⚠️ रोकथाम में लापरवाही पर गाज
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संबंधित क्षेत्रों में सरकारी कर्मचारियों ने किसानों को जागरूक करने या रोकथाम के लिए आवश्यक कार्य नहीं किए। प्रशासन ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए:
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तीन लेखपालों
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दो ग्राम पंचायत अधिकारियों
पर भी कार्रवाई की है।
🗣️ DM का कड़ा संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पराली जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे वायु प्रदूषण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
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चेतावनी: जिला प्रशासन ने कहा है कि रोकथाम से जुड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन न करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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अपील: जनपद के सभी किसानों से अपील की गई है कि वे पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाएं और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें। नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्तर पर राहत नहीं दी जाएगी।
इस कार्रवाई में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम तथा उनकी संयुक्त प्रवर्तन टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
