मुंबई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में महंगाई दर औसतन 4% से नीचे रहने की संभावना है। इससे पहले RBI ने 4.8% का अनुमान लगाया था, लेकिन अब खाद्य महंगाई में कमी और वैश्विक तेल कीमतों में स्थिरता के चलते महंगाई और कम रहने का भरोसा जताया गया है।
गवर्नर मल्होत्रा ने शुक्रवार को मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा, “हमारा ताजा आकलन है कि 2025-26 में महंगाई दर 3.9% के आसपास रह सकती है। अगर मौसम सामान्य रहा और खाद्य कीमतों में कोई बड़ा उछाल नहीं आया, तो यह और नीचे भी जा सकती है।”
महंगाई घटने के प्रमुख कारण
- सब्जियों और दालों की कीमतों में आई भारी गिरावट
- वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 70-75 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में स्थिर
- अच्छा मानसून और रिकॉर्ड खरीफ-रबी फसल का अनुमान
ब्याज दरों में कटौती की मजबूत संभावना RBI गवर्नर ने संकेत दिया कि महंगाई दर 4% के लक्ष्य से नीचे रहने पर मौद्रिक नीति समिति (MPC) के पास ब्याज दरों में कटौती का पूरा स्पेस होगा। अगली MPC बैठक फरवरी 2026 में है, जिसमें रेपो रेट में 25-50 आधार अंक की कटौती की जोरदार चर्चा है। वर्तमान में रेपो रेट 6.25% है।
उद्योग जगत और शेयर बाजार ने इस बयान का जोरदार स्वागत किया है। सेंसेक्स ने खबर आने के बाद 800 अंकों की छलांग लगाई। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे होम लोन, कार लोन और कॉर्पोरेट कर्ज सस्ता होगा, जिससे अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।
2025-26 में महंगाई का इतना कम रहना पिछले एक दशक में सबसे बड़ी राहत माना जा रहा है। आम आदमी की जेब पर महंगाई का बोझ हल्का होने की उम्मीद जगी है।
