पुतिन की भारत यात्रा पर ट्रंप की नाराजगी: अमेरिकी शांति प्रस्ताव ठुकराया, लेकिन मोदी से मिली 'अटूट' तेल सप्लाई की गारंटी – यूक्रेन डील की राह में नया रोड़ा? - Aaj Tak Media

पुतिन की भारत यात्रा पर ट्रंप की नाराजगी: अमेरिकी शांति प्रस्ताव ठुकराया, लेकिन मोदी से मिली ‘अटूट’ तेल सप्लाई की गारंटी – यूक्रेन डील की राह में नया रोड़ा?

एजेंसी

नई दिल्ली। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय भारत यात्रा (4-5 दिसंबर 2025) ने वैश्विक कूटनीति में नया मोड़ ला दिया है। एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन का हवाई अड्डे पर व्यक्तिगत स्वागत कर रूस-भारत की ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ को मजबूत किया, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यूक्रेन युद्ध समाप्ति के लिए पेश 28-सूत्री शांति प्रस्ताव को पुतिन ने सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुश्नर की मॉस्को में पुतिन से पांच घंटे की बैठक (2 दिसंबर) के बावजूद कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।

भारत यात्रा के दौरान पुतिन ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए ‘अटूट’ ईंधन आपूर्ति जारी रखने को तैयार हैं।” यह बयान ट्रंप की चेतावनी के ठीक बाद आया, जिसमें उन्होंने भारत पर रूसी तेल खरीद बंद करने का दबाव डाला था। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50% आयात शुल्क लगाकर युद्ध को फंडिंग रोकने की कोशिश की, लेकिन मोदी-पुतिन ने व्यापार को तेल-रक्षा से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य 1 लाख करोड़ रुपये से पहले ही हासिल होने की उम्मीद जताई गई।

यात्रा की मुख्य झलकियां

  • स्वागत का अनोखा अंदाज: पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर पालम एयर फोर्स स्टेशन पर पुतिन का हग और हैंडशेक के साथ स्वागत किया – ऐसा दुर्लभ सम्मान। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में डिनर आयोजित किया।
  • समझौते: निवेश संरक्षण समझौते पर तेजी से बातचीत, रूस में नए वाणिज्य दूतावास, यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ फ्री ट्रेड जोन। राष्ट्रीय मुद्राओं में 96% भुगतान पहले से ही हो रहा है।
  • ट्रंप का दबाव: ट्रंप ने थैंक्सगिविंग (नवंबर 2025) तक शांति डील की डेडलाइन दी थी, लेकिन पुतिन ने डोनबास क्षेत्र पर कब्जे की शर्त ठुकरा दी। यूक्रेन को क्रिमिया, लुहांस्क, डोनेट्स्क छोड़ने और नाटो से दूर रहने का प्रस्ताव यूक्रेन के लिए ‘अस्वीकार्य’।

ट्रंप-पुतिन टकराव का भारत कनेक्शन ट्रंप की 28-सूत्री योजना रूस के हितों को मजबूत करती है – यूक्रेन की सेना सीमित, युद्ध अपराधों पर माफी, और ट्रंप-नीत ‘पीस काउंसिल’ की निगरानी। लेकिन पुतिन ने कहा, “यूक्रेन को पूर्वी क्षेत्रों से पीछे हटना होगा, वरना हम जब्त कर लेंगे।” नाटो प्रमुख मार्क रुट्टे ने ट्रंप को ‘डेडलॉक तोड़ने वाला एकमात्र व्यक्ति’ बताया, लेकिन मॉस्को की जिद से डील दूर नजर आ रही है। भारत ने तटस्थ रुख अपनाते हुए कहा, “हम शांति के पक्ष में हैं।”

विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन की भारत यात्रा मॉस्को की अलगाव को कम करने का प्रयास है, जबकि ट्रंप का दबाव भारत-रूस संबंधों को परीक्षा दे रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, “क्षेत्रीय रियायत अस्वीकार्य।” क्या यह यात्रा वैश्विक संतुलन बिगाड़ेगी या नई साझेदारी गढ़ेगी? आने वाले दिन बताएंगे।

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