बाँदा। तिंदवारी विकासखंड की ग्राम पंचायत बंधवा में बनी सामुदायिक गौशाला में भ्रष्टाचार का ऐसा खेल चल रहा है कि सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएँ।
पेपर पर 80 गायें, हकीकत में सिर्फ 20
- गौशाला में सरकारी रिकॉर्ड में 80 गोवंश दिखाए जा रहे हैं
- लेकिन हकीकत में वहाँ सिर्फ 20-22 दुर्बल गाय-बैल ही दिखते हैं
- बाकी 60 “भूतिया गायों” के नाम पर हर महीने लाखों रुपये का चारा, दाना, दवा और मजदूरी का पैसा निकाला जा रहा है
अब प्लान B – गोबर बेचकर भी कमाई! ग्राम प्रधान दादू राम और सचिव दिनेश कुमार ने नई तरकीब निकाली है।
- अब गौशाला में केमिकल युक्त शिव पावर प्लांट लगाने की तैयारी है
- गोबर को बेचकर भी मोटा मुनाफा कमाने का प्लान
- जबकि नियम के मुताबिक गौशाला में कोई केमिकल प्लांट नहीं लग सकता
ग्रामीणों का आरोप
- “हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं।”
- “गायें भूखी-प्यासी मर रही हैं, चारा कागजों में ही खा लिया जाता है।”
- “प्रधान और सचिव मिलकर गौशाला को लूट रहे हैं।”
जिलाधिकारी और तहसील प्रशासन को कई बार लिखित शिकायत की गई, लेकिन अभी तक कोई जाँच या कार्रवाई नहीं हुई।
तिंदवारी की यह गौशाला अब माँ गाय के नाम पर भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा बन चुकी है। गौवंश की सेवा के नाम पर हो रही लूट कब रुकेगी? ग्रामीण अब सीधे मुख्यमंत्री पोर्टल और हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
गौमाता की जय नहीं, गौशाला में सिर्फ “जय भ्रष्टाचार” हो रहा है!
