कानपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता और कानपुर पश्चिम के पूर्व विधायक सुरेश अग्रवाल के आकस्मिक निधन ने राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ा दी है। शुक्रवार को विधानसभा में उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया। सुरेश अग्रवाल, जो 2002 से 2012 तक विधायक रह चुके थे, हाल ही में मंगल भवन के निर्माण निरीक्षण के दौरान ही अस्वस्थ हो गए थे।
निधन की दुखद घटना सुरेश अग्रवाल (78) का निधन हृदयाघात से हुआ। वे मंगल भवन के निरीक्षण के दौरान ही सीढ़ियों पर चढ़ते समय गिर पड़े। तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर सुनते ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सांसद रमेश अवस्थी, विधायक सत्यदेव पचौरी, निगम महापौर प्रमिला पांडेय, पूर्व सांसद श्रीप्रकाश जायसवाल के परिवार समेत तमाम नेता उनके निवास पर पहुंचे।
विधानसभा में श्रद्धांजलि सभा लखनऊ में शुक्रवार को विधानसभा सत्र के दौरान स्पीकर सत्यदेव पचौरी ने सुरेश अग्रवाल को श्रद्धांजलि दी। सदन में सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखा। सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा, “सुरेश जी एक सच्चे समाजसेवी थे। उनका योगदान कानपुर की राजनीति को हमेशा याद रहेगा।”
राजनीतिक सफर और विरासत सुरेश अग्रवाल 2002 में पहली बार कानपुर पश्चिम से विधायक बने और 2007 में फिर जीते। वे भाजपा के कट्टर सिपाही माने जाते थे। मंगल भवन का निरीक्षण उनका आखिरी सार्वजनिक कार्य था, जहां वे निर्माण गुणवत्ता की जांच कर रहे थे। उनके निधन से भाजपा कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है।
परिवार में पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री हैं। अंतिम संस्कार शनिवार को गंगा तट पर होगा। कानपुर की राजनीति ने एक अनुभवी योद्धा को खो दिया। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें
