उरई (जालौन) भारत की प्रथम शिक्षिका एवं महिला शिक्षा की अग्रदूत राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले की जयंती को शिक्षा दिवस के रूप में एससी/एसटी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन, जनपद जालौन द्वारा धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष भगवती शरण रजक ने की, जबकि मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष सुंदर सिंह शास्त्री रहे। मुख्य वक्ता प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष वेद प्रकाश गौतम (बुलंदशहर) एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष राधेश्याम (कानपुर) रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ माता सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुंदर सिंह शास्त्री ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने विषम परिस्थितियों में महिला शिक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी प्रेरणास्रोत है।” उन्होंने फूले दंपति को भारत रत्न देने की मांग की।मुख्य वक्ता वेद प्रकाश गौतम एवं राधेश्याम ने संगठन के उद्देश्यों पर विस्तार से परिचर्चा की और प्रमोशन में आरक्षण लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति राजपूत ने छात्राओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।इस मौके पर मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह दोहरे, विकास सिंह, पुनीत भारती, डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. कृष्णगोपाल आदि ने कहा कि “गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही सावित्रीबाई फुले को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।संविधान की प्रस्तावना का वाचन राजेंद्र सिंह एवं प्रवेंद्र पाल ने किया। विशिष्ट अतिथि विकास कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं को समान अधिकार देना ही वास्तविक परिवर्तन का मार्ग है। मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह दोहरे ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई।कार्यक्रम में उमाशंकर भास्कर, अरविंद दोहरे, के.के. शिरोमणि, शशिकांत, डॉ. नरेश गौतम, गजेंद्र गौतम, कमल दोहरे, वीरेंद्र बौद्ध सहित अनेक शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम संचालन के.के. शिरोमणि एवं मानवेंद्र सिंह (महामंत्री) ने संयुक्त रूप से किया।अंत में जिला अध्यक्ष भगवती शरण रजक ने सभी अतिथियों, पत्रकारों एवं संगठन के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “हमें सदैव सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में शिक्षा का प्रकाश फैलाना चाहिए। कार्यक्रम में जिलेभर से शिक्षक, बुद्धिजीवी एवं नागरिक भारी संख्या में उपस्थित रहे।
