नहर में बहती मिली लाखों रुपये की सरकारी दवाएं, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर - Aaj Tak Media

नहर में बहती मिली लाखों रुपये की सरकारी दवाएं, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर

 

कदौरा/जालौन स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की लाखों रुपये की सरकारी दवाएं नहर के पानी में बहती हुई मिलीं। दवाओं पर साफ तौर पर “नॉट फॉर सेल” अंकित था, जिससे इनके सरकारी होने की पुष्टि होती है। घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार, सुबह स्थानीय लोग जब टहलने के लिए नहर में पहुंचे तो कदौरा माइनर पर गौशाला के पास बड़ी मात्रा में दवाएं बहती हुई देखीं। जब लोगों ने पास जाकर देखा तो दवाओं पर नॉट फॉर सेल लिखा हुआ था,और कोई भी दवा एक्सपायर नहीं हुई थी जिससे स्पष्ट हो गया कि ये दवाएं सरकारी हैं और किसी स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित हैं। देखते ही देखते यह खबर नगर में फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

घटना की सूचना मिलते ही आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एक चिकित्सक कुछ अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचा और नहर से दवाएं हटाने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान नगरवासियों को इसकी भनक लग गई। लोगों ने चिकित्सक सहित पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों को दवाएं उठाने से रोक दिया और साफ कहा कि जब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आता, तब तक दवाओं को हटाने नहीं दिया जाएगा।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक तरफ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को दवाएं उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर बिना दवा के वापस लौटा दिया जाता है, और अधिकतर चिकित्सक बाहर की दवाएं लिखते है वहीं दूसरी तरफ लाखों रुपये की सरकारी दवाएं नहर में बहती हुई मिल रही हैं। यह सीधे तौर पर सरकारी धन की बर्बादी और विभागीय लापरवाही को दर्शाता है।

घटना की जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को दी गई। सीएमओ द्वारा बार-बार किसी जिम्मेदार अधिकारी को मौके पर भेजने का आश्वासन दिया गया, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।

नगरवासियों ने पूरे मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की जांच नहीं की गई तो स्वास्थ्य विभाग में हो रही ऐसी लापरवाहियों पर कभी रोक नहीं लग पाएगी। फिलहाल दवाएं नहर में ही पड़ी रहीं और लोग अधिकारी के आने का इंतजार करते रहे, जबकि स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच करने पहुंचे ए सी एम ओ अरविंद भूषण का कहना है कि नहर में काफी मात्रा में दवाइयां मिली है जिनको इकठ्ठा किया जा रहा है उसके बाद उन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी |

इनसेट

कदौरा | नगर के बहार नहर मै मिली बड़े पैमाने पर सरकारी दवाओं के मामले मै स्वास्थ विभाग द्वारा लीपापोती करने के प्रयास होने पर इसकी शिकायत स्वास्थ मंत्री ब्रजेश पाठक से की गई स्वास्थ मंत्री से शिकायत होने पर विभाग मै ह्ड़कंप मच गया |

इनसेट

कदौरा | नहर मै बड़े पैमाने पर मिली सरकारी दवा पर ज़ब सीएचसी के चिकत्सा डाक्टर विनोद अचानक कुछ कर्मियों को ले कर दवा उठाने का प्रयास करने लगे तभी मौके पर पहुचे चेयरमैन प्रतिनिधि रविकांत शिवहरे व डाक्टर के बीच मै नोकझोंक हो गई रविकांत शिवहरे का कहना था जब तक जिम्मेदार अधिकारी नहीं आ जाते तब तक दवा उठाने से मना कर दिया जिस पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के आने पर ही दवा उठाई गई

 

क्या कहते जिम्मेदार

गंभीर मामला है इसलिए अपर सीएमओ को मौके पर भेजा मामले की जाँच कराई जा रही है जो भी दोषी होगा उस पर सख्त कार्यवाही की जायगी |

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