डायबिटीज़ मरीज़ों को बिल्कुल नहीं खानी चाहिए ये दाल, खाते ही बढ़ जाएगा शुगर लेवल - Aaj Tak Media

डायबिटीज़ मरीज़ों को बिल्कुल नहीं खानी चाहिए ये दाल, खाते ही बढ़ जाएगा शुगर लेवल

नई दिल्ली। शुगर यानी डायबिटीज़ से पीड़ित लोगों को अपने खानपान में बहुत सावधानी बरतनी पड़ती है। डॉक्टर और एक्सपर्ट हमेशा सलाह देते हैं कि ऐसी चीज़ों का सेवन करें जो रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) को नियंत्रित रखें। कई बार लोग यह मान लेते हैं कि सभी दालें हेल्दी होती हैं, लेकिन सच यह है कि कुछ दालें डायबिटीज़ रोगियों के लिए नुकसानदेह भी हो सकती हैं।


⚠️ शुगर मरीज़ों के लिए किन दालों से बचना ज़रूरी है?

डायबिटीज़ मरीज़ों के लिए दालें प्रोटीन का अच्छा स्रोत मानी जाती हैं, लेकिन मसूर की दाल (Red Lentil) ऐसी दाल है जिसे डॉक्टर खाने से मना करते हैं।

दरअसल, मसूर दाल का ग्लायसेमिक इंडेक्स (Glycemic Index) बहुत अधिक होता है। यानी इसे खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल बहुत तेजी से बढ़ता है। अगर कोई डायबिटीज़ मरीज़ मसूर दाल का बार-बार सेवन करता है, तो इसका नकारात्मक असर शरीर पर दिख सकता है।


🩸 क्यों खतरनाक है मसूर दाल?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मसूर दाल में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है, जो डायबिटीज़ रोगियों में इंसुलिन रेसिस्टेंस को बढ़ा सकती है।
इससे रक्त में ग्लूकोज का स्तर अचानक ऊपर चला जाता है।

डॉक्टरों के अनुसार, डायबिटीज़ के मरीज़ों को मसूर दाल की जगह मूंग, तूर (अरहर) या चना दाल जैसी दालें खानी चाहिए, जिनका ग्लायसेमिक इंडेक्स कम होता है। ये धीरे-धीरे एनर्जी रिलीज़ करती हैं, जिससे शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है।


🍲 क्या खाएं और क्या न खाएं?

  • न खाएं: मसूर दाल, सफेद चावल, आलू और मीठे फलों का अत्यधिक सेवन।

  • खाएं: मूंग दाल, साबुत अनाज, ओट्स, हरी सब्ज़ियाँ, सलाद, और कम GI वाले फल जैसे सेब, अमरूद।


🩺 डॉक्टरों की सलाह

डायबिटीज़ रोगियों को चाहिए कि वे अपने डाइट चार्ट में लो ग्लायसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें और भोजन के बाद नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करें।

“मसूर दाल का ग्लायसेमिक इंडेक्स बहुत उच्च होता है। इसे खाने के बाद रक्त में शुगर तेजी से बढ़ती है, जिससे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और मधुमेह के मरीज़ों के लिए यह गंभीर स्थिति बन सकती है।”
पोषण विशेषज्ञों की राय


✅ निष्कर्ष

डायबिटीज़ के मरीजों को यह समझना बेहद ज़रूरी है कि हर हेल्दी दिखने वाला आहार उनके लिए सुरक्षित नहीं होता। भोजन का चुनाव सोच-समझकर करें, डॉक्टर की सलाह लें और शुगर लेवल को नियमित रूप से मॉनिटर करें।

Leave a Reply