लखनऊ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्वकप–2025 की ट्रॉफी का लखनऊ आगमन पर भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह सम्मान न सिर्फ खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवा खिलाड़ियों में नई ऊर्जा का संचार करेगा।
मुख्यमंत्री ने हॉकी के महानायक मेजर ध्यानचंद और कैडी सिंह बाबू के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि हॉकी लंबे समय से भारत की खेल पहचान रही है और अब ग्लोबल इवेंट्स की मेजबानी से प्रदेश का नाम और भी ऊंचा उठ रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में होने वाला पुरुष जूनियर हॉकी विश्वकप, उत्तर प्रदेश की खेल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता, आयोजन कौशल और समर्पण का बेहतरीन उदाहरण बनेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यूपी सरकार मिशन मोड में खेल सुविधाओं का विस्तार कर रही है। प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम, एस्ट्रो टर्फ ग्राउंड और आधुनिक खेल अकादमियों का तेजी से विकास किया जा रहा है।
4 शहर होंगे मेजबान — 24 देशों की टीमें आएंगी
प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, आगरा और गोरखपुर में विश्वकप के मैच खेले जाएंगे, जिनमें 24 देशों की टीमें भाग लेंगी। यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश इतनी बड़ी खेल प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख
सीएम योगी ने कहा कि पिछले 7 वर्षों में प्रदेश में खेल बजट कई गुना बढ़ाया गया है। खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण, खेल छात्रवृत्ति, स्पोर्ट्स होस्टल और ट्रेनिंग सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में खेल राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव, खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अनेक खिलाड़ी उपस्थित रहे।
