रामपुर, 18 नवंबर। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता मोहम्मद आज़म ख़ान और उनके बेटे व पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म ख़ान को मंगलवार को रामपुर की एक अदालत से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने ‘दो पैन कार्ड’ से जुड़े एक मामले में दोनों पिता-पुत्र को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की कैद की सज़ा सुनाई है। इसके साथ ही, दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
🚨 सज़ा सुनाते ही जेल भेजे गए
फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद, आज़म ख़ान और अब्दुल्ला आज़म को अदालत ने तुरंत कस्टडी में ले लिया और उन्हें जेल भेज दिया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान वादी भाजपा विधायक आकाश सक्सेना भी कोर्ट में मौजूद रहे। फैसले के मद्देनजर कोर्ट परिसर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, क्योंकि परिसर के बाहर बड़ी संख्या में भाजपा और सपा कार्यकर्ता एकत्र हो गए थे, जिससे तनाव का माहौल बना रहा।
📜 104 मामलों में से 12 पर आया फैसला
भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को यह तहरीर दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आज़म के पैन कार्ड में उनकी जन्म तिथि 1 जनवरी 1993 दर्ज है, जो उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर सही है। (हालांकि, यह मामला दो पैन कार्ड से जुड़ा बताया गया है।)
अदालत का यह फैसला सपा नेता के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जिन पर दर्ज कुल 104 मामलों में से अब तक 12 पर फैसला आ चुका है। इन 12 मामलों में से आज़म खान को 7 मामलों में सज़ा और 5 मामलों में बरी किया जा चुका है।
