गोआश्रय के पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था, सीड बैंक बनाने वाले को ₹20 हजार का अनुदान
कानपुर देहात 28 नवम्बर 2025
जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन व मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन० के मार्गदर्शन में, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार ने बताया कि नवीन चारा नीति के तहत गोआश्रय के पशुओं को हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने की कवायद शुरू कर दी गई है।
नेपियर सीड बैंक की स्थापना
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उद्देश्य: पशुओं को स्वस्थ रखने और पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध कराना।
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स्थान: शासन की तरफ से प्रत्येक छः तहसीलों में नेपियर सीड बैंक बनाने का निर्देश दिया गया है।
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लक्ष्य: पायलट प्रोजेक्ट के तहत छः तहसीलों से 15 लोगों का चयन किया जाना है।
लाभ और शर्तें
| प्रावधान | विवरण |
| अनुदान | सीड बैंक बनाने वाले लाभार्थी को प्रति हेक्टेयर ₹20 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। |
| नेपियर की जड़ | विभाग की तरफ से प्रथम वर्ष नेपियर की जड़ सशर्त निश्शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। |
| शर्त | लाभार्थी को दूसरे वर्ष दो गुना नेपियर की जड़ वापस लौटाना होगा। |
| अनिवार्य भूमि | योजना से जुड़ने के लिए लाभार्थी के पास 0.2 हेक्टेयर उपजाऊ भूमि का होना अनिवार्य है। |
| फसल की विशेषता | नेपियर घास की फसल को एक बार रोपाई करने पर कम से कम तीन वर्षों तक लिया जा सकता है। |
आवेदन और समिति
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आवेदन: किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए 05 दिसम्बर से पहले निकटतम पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्साधिकारी से संपर्क करें।
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समिति: लाभार्थियों के चयन के लिए चार सदस्य की समिति का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष सीडीओ हैं। सदस्य के रूप में मुख्य पशु अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, उपनिदेशक कृषि, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी नामित किए गए हैं।
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वर्तमान लक्ष्य: जनपद को वर्तमान में 3 हेक्टेयर में रोपाई का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।
