अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोका, अव्यवस्थित फाइलों और गंदगी पर जताई कड़ी नाराज़गी
संवाददाता (उरई/जालौन)
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सोमवार को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं और गंभीर लापरवाही पाई गईं, जिस पर उन्होंने कड़ा निर्देश जारी किया।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु और कार्रवाई
| क्षेत्र | अनियमितता/लापरवाही | जिलाधिकारी का निर्देश/कार्रवाई |
| कर्मचारियों की अनुपस्थिति | वरिष्ठ सहायक अमित कुमार द्विवेदी एवं वाहन चालक ब्रजेश कुमार अनुपस्थित मिले। | दोनों कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश। |
| स्वच्छता एवं रखरखाव | कार्यालय परिसर की सफाई व्यवस्था अत्यंत खराब थी। फाइलों पर धूल और मकड़ी के जाले लगे थे। महत्वपूर्ण पत्रावलियाँ गैलरी में जमीन पर फैली हुई थीं। | कड़ी नाराज़गी जताते हुए तत्काल स्वच्छता एवं दस्तावेजों के बेहतर संरक्षण के लिए सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश। |
| वेतन संबंधी मामले | 49 विद्यालयों का वेतन आरक्षित किया जा चुका है, जबकि 14 विद्यालयों का वेतन अब भी लंबित है (लेखाकार अरविंद कुमार के पटल पर)। | शेष सभी विद्यालयों का वेतन शीघ्र आरंभ किया जाए। चेतावनी दी कि अवकाश स्वीकृति होने के पश्चात शिक्षक को वेतन के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। |
| सूचना प्रसार | नोटिस बोर्ड पर कई महीनों से कोई सूचना चस्पा नहीं की गई थी, जिससे सूचना प्रसार प्रभावित था। | संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी फटकार लगाई और आवश्यक सूचनाओं को नियमित रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। |
जिलाधिकारी का संदेश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि:
“कार्यालयीय व्यवस्थाओं में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके पालन में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
