संवाददाता
उरई/जालौन
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम के लिए कड़े और सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने साफ कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रॉन्ग साइड से वाहन चलाने वालों पर विशेष अभियान चलाकर एफआईआर दर्ज की जाए और दोषियों को जेल भेजा जाए। इसी तरह ओवरस्पीडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइव, हेलमेट न पहनने, सीट बेल्ट का उपयोग न करने, तथा मोबाइल फोन चलाते समय वाहन चलाने पर भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाए जाने को गंभीर मुद्दा बताते हुए वाहन स्वामी एवं अभिभावक के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही निर्देशित किया कि स्कूल वाहनों की फिटनेस, ड्राइवर-परिचालक के नाम व मोबाइल नंबर, रोड रिफ्लेक्टर तथा अन्य सुरक्षा मानकों की नियमित जांच अनिवार्य रूप से की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि वाहनों पर रोड रिफ्लेक्टर न लगाने पर पहली बार 10 हजार, दूसरी बार 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और तीसरी बार लाइसेंस निरस्त करते हुए कठोर दंड सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि हेलमेट न पहनने पर सिर्फ आम जनता ही नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों पर भी जुर्माना लगाया जाए।
उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी को निर्देशित किया कि सड़क मार्गों पर बने अवैध कटों को तुरंत बंद कराया जाए तथा शहर के भीतर अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी नेहा ब्याडवाल, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, सीओ सिटी अर्चना सिंह, तथा विभिन्न विभागों के अधिशासी अभियंता और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
