कानपुर देहात में ‘बाल श्रम उन्मूलन’ पर संगोष्ठी आयोजित, बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने की दिशा में बड़ा कदम - Aaj Tak Media

कानपुर देहात में ‘बाल श्रम उन्मूलन’ पर संगोष्ठी आयोजित, बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने की दिशा में बड़ा कदम

संवाददाता
कानपुर देहात

प्रदेश को दिसंबर 2027 तक बाल श्रम से पूरी तरह मुक्त कराने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को गति देने के लिए कानपुर देहात में विशेष अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की गई। श्रम विभाग के निर्देशानुसार 01 दिसंबर से 15 दिसंबर 2025 तक चल रहे इस विशेष अभियान के क्रम में सेवायोजक एसोसिएशन एवं कारखाना प्रबंधन प्रतिनिधियों के साथ “बाल श्रम उन्मूलन–समस्या एवं समाधान” विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन माती स्थित मेसर्स बनास डेयरी (अमूल) में किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव हिमांशु सिंह तथा सहायक श्रमायुक्त रामअशीष के नेतृत्व में संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा गठित “जिला टास्क फोर्स” के निर्देशों के अनुरूप यह संगोष्ठी बाल श्रम रोकथाम के लिए उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।

सहायक श्रमायुक्त का संबोधन

सहायक श्रमायुक्त रामअशीष ने बाल श्रम के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि—
“बाल श्रमिक शिक्षा से वंचित होकर सीधे प्रौढ़ावस्था में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे राष्ट्र को योग्य युवा शक्ति प्राप्त नहीं हो पाती।”
उन्होंने उद्योग मालिकों से अपील की कि बाल मजदूरी रोकने के लिए कानून एवं नैतिक दायित्व दोनों का पालन करें।

अपर जिला जज का महत्वपूर्ण वक्तव्य

मुख्य अतिथि हिमांशु सिंह ने बाल श्रम से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा—
“बाल श्रम उन्मूलन केवल कानून से नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जागरूकता से संभव है।”

उद्योग प्रतिनिधियों ने भी दिया सहयोग का आश्वासन

  • राजीव शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव, IIA ने बताया कि अधिकांश कारखानों में बाल श्रम का निषेध पहले से लागू है,
    और अब सभी इकाइयों को मुख्य द्वार पर “18 वर्ष से कम आयु के श्रमिकों का प्रवेश वर्जित” लिखना अनिवार्य किया जाएगा।

  • अनुराग मालवीय, मण्डल अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

संगोष्ठी में लघु उद्योग भारती, IIA, श्रमिक संगठनों और विभिन्न प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि, श्रम विभाग अधिकारी, चाइल्ड लाइन सदस्य आदि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का बनास डेयरी प्रबंधन द्वारा बुके भेंट कर स्वागत किया गया।


विशेष अभियान में बाल श्रमिकों का चिन्हाकन

अभियान के अंतर्गत तहसील डेरापुर एवं रूरा में संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया गया, जिसमें 07 प्रतिष्ठानों से 08 किशोर श्रमिक चिन्हित किए गए। संबंधित प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई। अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी एवं चाइल्ड लाइन टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सेवायोजकों से अपील

श्रम विभाग ने जनपद के सभी प्रतिष्ठान मालिकों से अपील की है कि—
“किसी भी परिस्थिति में बाल या किशोर श्रमिकों से कार्य न कराया जाए।”

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