संवाददाता
कानपुर देहात
जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन समिति की महत्वपूर्ण बैठक माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष, कलेक्ट्रेट कानपुर देहात में संपन्न हुई। बैठक में अधिशासी अभियंता, जल निगम द्वारा जनपद में संचालित विभिन्न पेयजल योजनाओं की वर्तमान कार्य प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। जिलाधिकारी ने परियोजनाओं से संबंधित समस्त आंकड़ों, प्रगति स्तर, बाधाओं और शेष कार्यों का बारीकी से विश्लेषण करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्यदायी संस्थाएँ समयबद्ध तरीके से कार्यों को पूर्ण करें तथा पेयजल उपलब्धता में किसी भी प्रकार की देरी न होने दें। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन ग्रामीण जनता के जीवन से सीधा जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसके लक्ष्य पूर्ण न होने पर आमजन प्रभावित होते हैं, इसलिए प्रगति में तेजी लाना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में जनपद स्तर पर नियमित जलापूर्ति पेयजल योजनाओं की समीक्षा प्रस्तुत की गई। जनपद में कुल 504 योजनाओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिनमें से अब तक 375 योजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं जबकि 129 योजनाएँ विभिन्न कारणों से शेष हैं। संस्था-वार प्रगति की चर्चा करते हुए बताया गया कि आईएचपी प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित 122 में से 121 योजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं और केवल 01 योजना शेष है, जिसे त्वरित गति से पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। जीवीपीआर इंजी0 प्राइवेट लिमिटेड को 186 परियोजनाएँ सौंपी गई थीं, जिनमें से 160 पूरी हो चुकी हैं और 26 योजनाएँ लंबित हैं। वी0एस0ए0-एस0सी0एल0 प्राइवेट लिमिटेड को 167 परियोजनाओं में से 75 परियोजनाएँ पूर्ण करने में सफलता मिली है, जबकि 92 परियोजनाएँ अभी लंबित हैं, जो अपेक्षा से काफी कम प्रगति है। इसी प्रकार वी0टी0एल0 प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत कुल 29 परियोजनाओं में से 19 पूरी हो चुकी हैं और 10 पर कार्य जारी है। जिलाधिकारी ने जिन एजेंसियों की प्रगति धीमी है, उनसे कारण पूछते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि आगामी समीक्षा में उल्लेखनीय प्रगति अनिवार्य रूप से देखनी चाहिए। ओवरहेड टैंक आधारित पेयजल योजनाओं की समीक्षा में पाया गया कि कुल 504 योजनाओं के सापेक्ष केवल 144 योजनाएँ पूर्ण हुई हैं तथा 360 योजनाएँ अभी लंबित हैं। IHP द्वारा 42, GVPR द्वारा 93, VSA–SCL द्वारा 7 और VTL द्वारा 2 OHT योजनाएँ पूर्ण की गई हैं। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि ओएचटी निर्माण एवं परीक्षण कार्यों की दैनिक समीक्षा की जाए तथा जहां भी तकनीकी, सामग्री या मानव संसाधन संबंधी अवरोध हों, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि इस श्रेणी की परियोजनाओं में सबसे अधिक लंबित कार्य हैं, इसलिए इसे प्राथमिकता देकर पूर्ण किया जाए। डिस्ट्रिब्यूशन लाइन बिछाने की प्रगति काफी संतोषप्रद बताई गई। जनपद में कुल 4839 लाइनें बिछाने का लक्ष्य SCL ने अपने-अपने लक्ष्यों को पूर्ण रूप से हासिल कर लिया है। GVPR द्वारा 2018 में से 1971 लाइनें बिछाई जा चुकी हैं जबकि 47 कार्य शेष हैं। इसी प्रकार VTL को सौंपे गए 329 में से 325 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 4 लंबित हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि शेष सभी लाइनें आगामी सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण कर दी जाएँ ताकि गांवों में जल वितरण नेटवर्क पूर्ण रूप से सक्रिय हो सके। एफ0एच0टी0सी0 के अंतर्गत जनपद के लिए कुल 2,65,476 नल कनेक्शनों का लक्ष्य निर्धारित था। समीक्षा में बताया गया कि अब तक 2,62,344 कनेक्शन घर-घर प्रदान किए जा चुके हैं जबकि 3,132 कनेक्शन अभी दिए जाने शेष हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन गांवों में पाइपलाइन और पेयजल संसाधन उपलब्ध हैं, वहां शेष कनेक्शनों को तत्काल वितरित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में पात्र परिवार नल जल कनेक्शन से वंचित न रह जाए। हर घर जल योजना के अंतर्गत गांव की स्थिति पर प्रस्तुत किए गए आंकड़ों में बताया गया कि जनपद में कुल 843 गांव शामिल हैं। इनमें से 584 गांव रिपोर्ट किए जा चुके हैं, जबकि 259 गांवों की रिपोर्टिंग अभी बाकी है। अब तक 334 गांव हर घर जल के रूप में प्रमाणित किए जा चुके हैं और 250 गांव प्रमाणन की प्रतीक्षा में हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि जहां कार्य पूर्ण हो चुका है, वहां तकनीकी परीक्षण, गुणवत्ता सत्यापन, जलापूर्ति की नियमितता और ग्राम व पंचायत स्तर पर प्रमाणन प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने जोर देकर कहा कि पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या धीमी प्रगति पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों व एजेंसियों को निर्देशित किया कि कार्यों को मिशन मोड में पूरा करें तथा प्रत्येक गांव में नल से शुद्ध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान अधिशासी अभियंता जल निगम द्वारा बताया गया कि शासन स्तर पर जनपद का बजट आवंटन लंबित होने के कारण लारियों में देरी हो रही है। बैठक में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शालिनी उत्तम, अधिशासी अभियंता जल निगम, संबंधित विभागों के अधिकारी और समस्त कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
