एक करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, गुणवत्ता व समयबद्धता से कार्य पूर्ण करने के निर्देश - Aaj Tak Media

एक करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, गुणवत्ता व समयबद्धता से कार्य पूर्ण करने के निर्देश

संवाददाता — उरई/जालौन

राजेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी जालौन द्वारा विकास भवन उरई स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए तथा निर्माण में मानक अनुरूप सामग्री का ही प्रयोग सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही जो परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, उन्हें तत्काल संबंधित विभागों/संस्थाओं को हैंडओवर किए जाने को कहा गया।

बैठक में जनपद में संचालित प्रमुख निर्माण एवं विकास कार्यों की समीक्षा की गई, जिनमें तहसील उरई में आवासीय भवन निर्माण (लागत 12.10 करोड़ रुपये), ग्राम सभा पिपरी गढ़वाल–मालपुर–नौरेजपुर के मध्य स्थित त्रिपुरी आश्रम में पर्यटन सुविधाओं का सृजन (1.06 करोड़ रुपये), तथा मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय (प्री-प्राइमरी से कक्षा 12) का निर्माण (24.21 करोड़ रुपये) प्रमुख रहे।

इसके अतिरिक्त नगर पालिका परिषद उरई की पेयजल पुनर्गठन योजना (190.86 करोड़ रुपये), नगर पंचायत नदीगांव की पेयजल योजना (11.12 करोड़ रुपये) एवं नगर पालिका परिषद कौंच की पेयजल पुनर्गठन योजना (55.99 करोड़ रुपये) की प्रगति की समीक्षा की गई।

सुरक्षा एवं पुलिस अधोसंरचना के अंतर्गत महिला थाना में 40 क्षमता के हॉस्टल बैरक एवं एक विवेचना कक्ष (2.52 करोड़ रुपये) तथा थाना एट में 32 क्षमता के हॉस्टल बैरक एवं एक विवेचना कक्ष (2.12 करोड़ रुपये) के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई।

पशुपालन एवं गो-संरक्षण से संबंधित वृहद गो संरक्षण केंद्र—गोपालपुरा माधौगढ़, पहाड़ी खेड़ा, रतहरी एवं सोमई मुस्तकिल—प्रत्येक की लागत 1.60 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई। साथ ही उरई में मंडल स्तरीय राज्य कर कार्यालय भवन (7.14 करोड़ रुपये) के निर्माण कार्य की समीक्षा भी की गई।

सड़क एवं संपर्क मार्गों के अंतर्गत गोपालपुरा से कुर्ता संपर्क मार्ग (2.27 करोड़ रुपये), पथरताल–ओमनगर संपर्क मार्ग का दो लेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण (4.40 करोड़ रुपये), कुठौंद–मिहौना मार्ग से कालपी संपर्क मार्ग (1.44 करोड़ रुपये), माडरी से अकोढ़ी संपर्क मार्ग (1.34 करोड़ रुपये) सहित अन्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

वित्तीय वर्ष 2024-25 की धर्मार्थ योजना के अंतर्गत बबीना हांसा अभिरुवा से मदरालालपुर स्थित सूर्य मंदिर तक संपर्क मार्ग (3.29 करोड़ रुपये), जालौन–भिंड मार्ग (राज्यमार्ग संख्या-70) के विभिन्न चैनेज में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण (59.59 करोड़ रुपये), माधौगढ़–उमरी–कुठौंद वाया जाजेपुरा मार्ग पर जालौन देवी मंदिर हेतु चौड़ीकरण (11.05 करोड़ रुपये), कुरकुरु सैदनगर से अक्षरा देवी मार्ग (2.73 करोड़ रुपये) तथा रामपुरा–गोहन मार्ग वाया उमरी जालौन देवी मंदिर तक चौड़ीकरण (9.82 करोड़ रुपये) की भी समीक्षा की गई।

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अंतर्गत बेतवा नहर प्रखंड प्रथम की रजवाहा परियोजनाएं, नलकूप खंड प्रथम उरई के कार्यालय एवं आवासीय भवनों का जीर्णोद्धार, महोई पम्प नहर (10 क्यूसेक) का निर्माण (22.37 करोड़ रुपये), माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 50 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण (2.45 करोड़ रुपये) तथा कुठौंद शाखा नहर की पुनर्स्थापना (16.06 करोड़ रुपये) सहित अन्य परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़ी इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए, जिससे आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी मनोज अवस्थी, डीएसटीओ नीरज चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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